धनबाद, जेएनएन। राजस्व में बढ़ोतरी और बिचौलियों पर लगाम लगाने की नीयत से नगर निगम ने बड़ा निर्णय लिया है। निगम अब होटल, रेस्त्रा, शॉपिंग मॉल एवं अपार्टमेंट से निकलने वाले कचरे की सफाई स्वयं करेगा। इसके लिए निर्धारित शुल्क तय किया जाएगा। दरअसल निगम ने अपने सेनेटरी इंस्पेक्टर रमेश कुमार और वार्ड 32 के सुपरवाइजर राहुल को कुछ अपार्टमेंट से सफाई के एवज में वसूली करने के आरोप में हटा दिया।

नगर आयुक्त चंद्रमोहन कश्यप के अनुसार ये लोग होटल, मॉल और अपार्टमेंट से सांठगांठ कर राजस्व को क्षति पहुंचा रहे थे। अब अपार्टमेंट, शॉपिंग मॉल, होटल-रेस्त्रां, गेस्ट हाउस, धर्मशाला, सिनेमा हॉल, होलसेल दुकान, गोदाम, अस्पताल, लेबरोटरीज संचालक सीधे निगम के खाते में निर्धारित सेवा शुल्क जमा करेंगे और निगम कर्मी यहा सफाई करेंगे। सभी संबंधित सीधे निगम को सफाई के लिए आवेदन देंगे और निगम अपना खाता संख्या देगा, जिसमें प्रतिमाह या प्रति सप्ताह निर्धारित शुल्क जमा करना होगा। नगर निगम के अनुसार ऐसा करने से निगम को प्रतिमाह 15 से 20 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त होगा। इसी तरह इधर-उधर गंदगी फैलाने एवं कचरा डालने पर दंड शुल्क निर्धारित किया गया है। इसका अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। प्रत्येक तीन वर्ष में सेवा शुल्क में दस फीसद की वृद्धि होगी।

निगम की ओर से संभावित सेवा शुल्क - कार्यालय : दो रूम 100 रुपये, तीन से पांच रूम 250 रुपये, छह से दस एक हजार, 11 से 20 1500 और 20 से उपर रूम के लिए 2500 रुपये। - अस्पताल, डिस्पेंसरी, लेबरोटरीज : बिना बेड 400 रुपये, 20 बेड तक पांच हजार, 20 से 50 बेड दस हजार और 50 से अधिक बेड पर 20 हजार रुपये। - स्कूल, कोचिंग तथा शैक्षणिक संस्थान : सरकारी 200 रुपये, गैर सरकारी एक हजार, आवासीय 50 रूम तक दो हजार और आवासीय 50 रूम से अधिक पांच हजार रुपये। - शादी-विवाह स्थल एवं उत्सव घर : 3000 वर्गमीटर तक 2500 रुपये और 3000 वर्गमीटर से अधिक पांच हजार। - अपार्टमेंट, शॉपिंग मॉल, होटल-रेस्त्रां, गेस्ट हाउस, धर्मशाला, सिनेमा हॉल, होलसेल दुकान, गोदाम : नगर निकाय के आकलन के अनुसार निर्धारण जल्द।

  • इधर-उधर कचरा व गंदगी फैलाने पर दंड (रुपये में)

आवासीय भवनों के लिए : 100 रुपये - दुकानदारों द्वारा कचरा डालने पर : एक हजार - रेस्त्रां मालिकों को खुले में कचरा डालने पर : दो हजार - होटल मालिकों द्वारा कचरा डालने पर : दो हजार - औद्योगिक प्रतिष्ठान : पांच हजार - हलवाई, चाट, फास्टफूड, आइसक्रीम, गन्ने का रस, सब्जी एवं फल : 100 - सार्वजनिक स्थल पर पेशाब करने पर : 100 रुपये - गोबर सार्वजनिक स्थल पर : एक हजार - निजी मकान, दुकान निर्माण का मलबा, निर्माण सामग्री, ईट-पत्थर, सीमेंट, लोहा, पत्थर सरकारी भूमि पर डालने पर : एक हजार - सरकारी भवनों, चौराहों एवं शहर की चहारदीवारी की दीवारों पर पोस्टर चिपकाना, रंगाई-पुताई : दो हजार - अपने मकान के गंदा पानी की निकासी आम सड़क पर : पांच हजार - अपने मकान का सीवरेज कनेक्शन न लेकर सीवरेज का गंदा पानी आम नाली में बहाना : पांच हजार - दुकानदार एवं ठेला व्यवसायियों द्वारा सड़क पर बैठकर स्कूटर एवं साइकिल रिपेय¨रग कर गंदगी फैलाना : एक हजार

शिकायत मिली थी कि अपार्टमेंट एवं होटल-रेस्त्रां संचालकों से सफाई कराने के एवज में राशि ली जा रही है। दो लोगों पर कार्रवाई भी की गई है। इससे राजस्व क्षति हो रही थी, अब सिस्टम बदला जा रहा है। अपार्टमेंट के मामले में कुल फ्लैटों की संख्या एवं प्रकार के आधार पर एकमुश्त राशि ली जाएगी। यह सीधे निगम के खाते में जमा होगी।

- चंद्रमोहन कश्यप, नगर आयुक्त

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप