धनबाद। जनवरी 2019 में कोयंबटूर में होने वाले स्टूडेंट फॉर्मूला भारत रेसिंग कार प्रतियोगिता में आइआइटी आइएसएम का एमआरएक्स जीरो टू उतरेगा। स्वदेशी तकनीक से तैयार किए जाने वाले इस रेसिंग कार को छात्रों ने इस कार को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इन हाउस बनने वाली इस कार की खासियत होगी कि टीम मेचिसमू इसे स्वदेशी फार्मूला से तैयार कर रहा है। एमआरएक्स जीरो टू को बनाने में केवल मेकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्र ही नहीं बल्कि पर्यावरण इंजीनियरिंग, सिविल, माइनिंग मशीनरी और पेट्रोलियम इंजीनियरिंग के छात्र भी टीम में शामिल हैं।

प्रो. एनके सिंह ने बताया कि चार साल पहले अप्रैटाइस पा‌र्ट्स छह किलो के थे, आज रिसर्च के बाद आधा किलोग्राम का किया गया है। कई पा‌र्ट्स हमलोगों ने डिजाइन कर यूएसए और यूएई को दिया है और उनसे कहा है कि वे इन पार्टस का मैनुफैक्चररिंग करके दे। उन्होंने बताया कि इस साल टीम का उद्देश्य है कि रेसिंग कार का इंजन लाइटर और बॉडी कॉम्पैक्ट तथा फैब्रिक के वजन और बढ़ी हुई शक्ति को कम करना है, ताकि रेसिंग कार बेहतर रिजल्ट दे सके। 20 छात्रों ने बनाया था मेचिसमू आइएसएम के 20 छात्रों ने मिलकर टीम मेचिसमु की स्थापना वर्ष 2008 में की थी। उस समय इन छात्रों ने मेचिसमू नाम से एक एटीवी बनाया था और बजाज एसएई इंडिया में न केवल भाग लिया, बल्कि बेहतर प्रदर्शन भी किया। वर्तमान में टीम मेचिसमू में विभिन्न संकायों के 42 सदस्य शामिल हैं।

टीम मेचिसमू की उपलब्धि
- मध्यप्रदेश में आयोजित बजाज एसएइ 2010 में दूसरा स्थान हासिल किया।
- 2011 में नोयडा में आयोजित सुपरा साई इंडिया पांचवां स्थान हासिल किया।
- वर्ष 2012 सुपरा एएसइ इंडिया रेसिंग प्रतियोगिता में तीसरा स्थान प्राप्त किया।
- वर्ष 2015 में एफडीसी इंडिया में छठा स्थान हासिल किया।
- फार्मूला भारत 2017 में आयोजित 17वां स्थान प्राप्त किया।

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