साहिबगंज, जेएनएन। हरियाणा के गुरुग्राम से झारखंड के पाकुड़ के लिए परिवार के सदस्यों के साथ पैदल निकली सोनोति सोरेन को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पहल पर राहत मिली है। सोनोती को यूपी के मथुरा में एक वाहन ने धक्का मार दिया था। इससे वह घायल हो गई थी। घायल अवस्था में ही वह किसी तरह यूपी के इटावा पहुंंची। वहां से यूपी प्रशासन ने चंदाैली तक पहुंचा। उसकी मदद के लिए मुख्यमंत्री सोरेन ने साहिबगंज के उपायुक्त को निर्देश दिया था। इसके बाद एक टीम उसे लाने के लिए यूपी गई थी। दंडाधिकारी अजित कुमार मिश्रा के नेतृत्व टीम गुरुवार सुबह सोनोती को लेकर यूपी के चंदाैली से साहिबगंज पहुंची।

सोनोती और अन्य मजदूरों की हुई स्क्रीनिंग

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर उत्तर प्रदेश में सड़क हादसे में घायल सोनोती सोरेन को लेकर साहिबंगज जिला प्रशासन के अधिकारी गुरुवार सुबह लौट आए। पालिटेक्निक में उसकी थर्मल स्क्रीनिंग की गयी। चिकित्सकों ने सोनोती सहित पूरे परिवार को होम क्वारंटाइन में रहने को कहा है जिसके बाद उसे पाकुड़ भेजने की व्यवस्था की जा रही है। साथ आए सभी मजदूरों को सूखा राशन भी उपलब्ध कराया गया।

सीएम ने डीसी को सुरक्षित वापसी के लिए दिया था निर्देश

साहिबगंज व पाकुड़ के करीब एक दर्जन मजदूर गुरुग्राम में मजदूरी करते थे। लाकडाउन के बाद सभी बेरोजगार हो गये। पिछले सप्ताह सभी वहां से पैदल ही रवाना हो गये। मथुरा में एक रात सभी लोग सड़क किनारे सोने की तैयारी कर रहे थे तभी एक एंबुलेंस ने सोनोति सोरेन को धक्का मार दिया। एक पुलिसकर्मी ने उसकी मरहम पट्टी करायी। अगले दिन एक पत्रकार ने उसकी सहायता की और ट्वीट कर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को इसकी जानकारी दी। इसके बाद सीएम ने साहिबगंज उपायुक्त को उसकी वापसी की व्यवस्था करने का निर्देश दिया था।

पत्रकार ने सोनोति के दर्द को समझा

यूपी  में फंसे साहिबगंज व पाकुड़ के मजदूरों व घायल बच्ची सोनोति को को लाने के लिए एक टीम मंगलवार की सुबह सहकारिता पदाधिकारी अजीत मिश्रा के नेतृत्व में रवाना हुई। एक यात्री बस व एंबुलेंस को चंदौली भेजा गया है। इस मामले में झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने पहल की थी। झारखंड पुलिस को उत्तर प्रदेश पुलिस से समन्वय स्थापित कर इटावा से घायल सोनोती सोरेन व अन्य लोगों को सुरक्षित झारखंड लाने का निर्देश दिया था।

दरअसल साहिबगंज व पाकुड़ के कुछ मजदूर गुरुग्राम में मजदूरी करते थे। लॉकडाउन की वजह से काम ठप हो गया। सभी पैदल ही चल दिए। इसी क्रम में सोनोति सोरेन नामक यह बच्ची किसी वाहन की चपेट में आकर जख्मी हो गई। इस बीच श्याम मीरा सिंह नामक समाजसेवी सह पत्रकार को पता लगा। उन्होंने ट्वीट कर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को साहिबगंज की सोनोति  के बारे में जानकारी दी। हालांकि खोजबीन में पता चला है कि सोनोति पाकुड़ जिले के चांदपुर गांव की रहनेवाली है। उसके साथ साहिबगंज के भी कुछ लोग हैं।

मथुरा में एंबुलेंस की टक्कर से घायल हुई थी सोनोति

सोनोती की मां सोनमनी हेंब्रम ने बताया कि गुरुग्राम में कंस्ट्रक्शन कंपनी में मजदूरी करती थी। लॉकडाउन में वहां फंस गए। कंपनी के लोगों ने आठ मई को हरियाणा सरकार की वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन कराया। कहा कि यहां  से भेजने की व्यवस्था की जाएगी। हफ्ते भर के इंतजार के बाद भी कुछ नहीं हुआ। तब पैदल ही निकल पड़े। हमारे जत्थे करीब 10 लोग हैं। मथुरा तक 190 किमी तक का सफर पैदल या कुछ जगह लिफ्ट लेकर किया। शनिवार को मथुरा में नेशनल हाइवे-2 पार करते समय सोनोती एक एंबुलेंस की चपेट में आ गई। उसके सिर से लेकर घुटने तक का हिस्सा जख्मी हो गया। नजदीकी पुलिस स्टेशन ने वापस भेजने में मदद नहीं की। हालांकि  एक पुलिस कर्मी ने रात में एक डॉक्टर से सोनोती का इलाज कराया। पत्रकार ने एक साथी से दवा दिलवाई। एक पिकअप वैन पर कुछ दूर आगे भिजवाया। वहां दो दिन पड़े रहे। मुख्यमंत्री की पहल पर स्थानीय पुलिस पहुंची। चंदौली तक के लिए वाहन की व्यवस्था की।

Posted By: Mritunjay

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