धनबाद [ मो. शाहिद ]। इस Coronavirus को मुस्लिम जोड़ों की बद्दुआ लगेगी। यह हर उस मुस्लिम जोड़े का बैरी बन गया जिनकी शादी की तारीख सिर पर थी। सबके मन में शादी के लड्डू फूट रहे थे। न जाने यह कोरोना कहां से दूल्हा-दुल्हन के बीच विलेन बनकर आ गया है। और शादियां स्थगित होने लगी हैं। जिनकी शादी स्थगित हो रही हैं उन्हें अब अच्छे वक्त का इंतजार है। अच्छा वक्त लॉकडाउन समाप्त होने के बाद ही आएगा। 

दो भाइयों की टली शादी, दावत-ए-वलीमा का नहीं मिला आनंद 

वासेपुर धनबाद का सबसे घनी मुस्मिलम आबादी वाला इलाका है। कोरोना संकट के कारण कई जोड़ों की शादी टाल दी गई हैं। मिसाल के तौर पर वासेपुर के मारूफगंज के रहने वाले मोहम्मद अलाउद्दीन अंसारी के दो बेटों की शादी थी। एक बेटे की बरात 24 मार्च को बोकारो जानी थी। दूसरे  बेटे की बरात दिल्ली जानी थी। शादी के बाद दोनों का एक साथ  26 मार्च को वलीमा होना था। कोरोना संकट के कारण दोनों भाइयों की शादी टाल दी गई है। शादी टल गई तो वासेपुर के लोग दावत-ए-वलीमा का आनंद भी नहीं उठा पाए। यह एक उदाहरण भर है। कोरोना वायरस के संक्रमण को बचाने के लिए लॉकडाउन के कारण सड़क, रेल और हवाई सेवा पूरी तरह ठप है। एक मोहल्ले से दूसरे मोहल्ले में जाना मुश्किल हो रहा है। घर से बाहर निकलने वालों से पुलिस सख्ती से पेश आ रही है। चूंकि कोरोना के कारण जान बर बन आई है। इसलिए शादियां टाली जा रही हैं। 

15 मार्च से 15 अप्रैल तक शुभ लगन 

इस साल मुस्लिम समाज में शादियों का लगन 15 मार्च से 15 अप्रैल के बीच है। लगन को देखते हुए पहले ही शादियां तय हुई थीं। अब कैंसिल करनी पड़ रही है। कोरोना संकट खत्म होने के बाद नए सिरे से तारीख तय की जाएगी। तब तक जोड़ों को इंतजार करना पड़ेगा। इमाम मस्जिद-ए-आयशा माैलाना मोहम्मद मुबारक हुसैन कहते हैं-यह समय मुस्लिम समाज में शादियों का है। कोरोना संकट के कारण शादी स्थगति करने के अलावा कोई उपाय भी नहीं है। यह अच्छी बात है कि लोग शादी स्थगित कर रहे हैं। क्योंकि इस समय शादी करने का मतलब कई तरह की परेशानियों को आमंत्रित करना है। 

शादी के बाद रिश्तेदारों की खातिरदारी में परिवार परेशान 

धनबाद वासेपुर न्यू कॉलोनी गुलजारबाग के रहने वाले मोहम्मद हातिम के बेटे की शादी में उनके परिवार वाले बिहार के कई अलग-अलग जिलों से शादी समारोह में शामिल होने के लिए आए थे। पहले झारखंड में लॉकडाउन और उसके बाद पूरे देश में लॉकडाउन के कारण 22 तारीख से ही यह लोग यहां फंसे हुए हैं। शादी के बाद अपने-अपने घर वापस लाैटने के लिए वाहन नहीं मिल रहे हैं। इस कारण करीब 60 लोग मोहम्मद हातिम के घर जमे हुए हैं। इनमें औरत, बच्चे, बूढ़े और जवान शामिल हैं। सबको तीन कमरे वाले मकान में रहना पड़ रहा है। अगल-बगल के लोगों ने भी साथ नहीं मिल रहा है। चूंकि, शारीरिक दूरी का फरमान है। यहां फंसे लोगों का कहना है कि बहुत बेचैनी में जिंदगी गुजर रही है। खाने-पीने का बुरा हाल है। मोहम्मद हातिम किसी प्रकार इन लोगों के लिए खाने-पीने की व्यवस्था कर रहे हैं। इस समस्या का समाधान निकालने के लिए स्थानीय पार्षद निसार आलम ने मोहम्मद हातिम के साथ जाकर शनिवार को धनबाद एसडीओ से मुलाकात की। एसडीओ ने वाहन पास दिलवाने का आश्वासन दिया है। इसके बाद बस की व्यवस्था की जा रही है ताकि सब अपने-अपने घर लाैट सकें। 

Posted By: Mritunjay

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