‘नए उद्योग खुल नहीं रहे, पुराने बंद कराने में लगे हैं अरूप चटर्जी’, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष का विधायक पर हमला
Maithon Power Limited Shutdown Protest: भाजपा के पूर्व धनबाद जिलाध्यक्ष अशोक मंडल ने निरसा विधायक अरूप चटर्जी पर नए उद्योग ...और पढ़ें

भाजपा नेता अशोक मंडल के नेतृत्व में रोड जाम करते कार्यकर्ता। (फोटो जागरण)
HighLights
भाजपा के अशोक मंडल ने निरसा विधायक अरूप चटर्जी पर आरोप लगाए।
मैथन पावर लिमिटेड में कामकाज ठप होने पर भाजपा का प्रदर्शन।
कार्यकर्ताओं ने एनएच-19 जाम कर विधायक के खिलाफ नारेबाजी की।
संवाद सहयोगी, निरसा (धनबाद)। Maithon Power Limited Agitation: भाजपा के पूर्व धनबाद जिला अध्यक्ष अशोक मंडल ने निरसा के विधायक अरूप चटर्जी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है-निरसा में नए उद्योग-धंधे खुल नहीं रहे हैं और जो पहले से चल रहे हैं उसे भाकपा माले विधायक अरूप चटर्जी बंद कराने में लगे हैं।
मैथन पावर लिमिटेड (MPL) में पिछले तीन दिनों से जारी गतिरोध और प्लांट में कामकाज ठप रहने के विरोध में भाजपा कार्यकर्ताओं ने बुधवार की शाम निरसा चौक पर एनएच-19 जाम कर दिया। पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक मंडल के नेतृत्व में शाम करीब छह बजे शुरू हुआ जाम लगभग सवा घंटे तक रहा।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने निरसा विधायक अरूप चटर्जी के खिलाफ नारेबाजी की। सड़क जाम होने से दिल्ली और कोलकाता दोनों लेन में करीब तीन किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतार लग गई। राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन के बाद भाजपाइयों ने जाम हटाया।
सुबह तक गतिरोध नहीं टूटा तो फिर जाम की चेतावनी
अशोक मंडल ने कहा कि यदि गुरुवार सुबह तक एमपीएल में कामकाज शुरू नहीं हुआ तो दोबारा नेशनल हाईवे जाम किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक अरूप चटर्जी की कथित कमीशनखोरी और उद्योगों में अनावश्यक हस्तक्षेप के कारण एमपीएल में कामकाज प्रभावित है। उन्होंने कहा कि इसका खामियाजा स्थानीय लोगों, विस्थापितों, मजदूरों और परिवहन से जुड़े लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
धनबाद से निरसा तक खड़े हैं सैकड़ों वाहन
अशोक मंडल ने बताया कि एमपीएल में कामकाज प्रभावित होने से बड़ी संख्या में हाइवा और अन्य मालवाहक वाहन पिछले तीन दिनों से धनबाद से निरसा तक विभिन्न स्थानों पर खड़े हैं। चालकों और खलासियों को भोजन समेत अन्य जरूरी सुविधाओं के लिए परेशानी हो रही है। प्लांट के अंदर अधिकारी और कर्मचारी भी फंसे हुए हैं।
उन्होंने कहा कि लंबे समय तक वाहनों के खड़े रहने से बैटरी और डीजल चोरी का खतरा भी बना हुआ है। उन्होंने कहा कि एमपीएल निरसा क्षेत्र का प्रमुख औद्योगिक प्रतिष्ठान है और इससे प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से बड़ी संख्या में लोगों की आजीविका जुड़ी है। औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित होने का असर परिवहन, मजदूरी और अन्य सहायक कारोबारों पर भी पड़ रहा है।
अशोक मंडल ने क्षेत्र के पुराने उद्योगों के बंद होने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि केएमसीइएल, केएफएस, बर्न स्टैंडर्ड, तेलपुल डैम, सिंदरी वर्कशाप, थापर फैक्ट्री और अशोक कारखाना समेत कई औद्योगिक इकाइयों के बंद होने से रोजगार के अवसर घटे हैं। मौके पर नाड़ू गोपाल चक्रवर्ती, कर्मवीर यादव, भोला शर्मा, गोविंदा चौबे और मुसाफिर यादव आदि मौजूद थे।
