जागरण संवाददाता,धनबाद। रेलवे ने ट्रेनों को पहले की तरह चलाने की घोषणा तो कर दी। पर सिर्फ उनके पहले लगे जीरो हटा कर किराया घटा दिया। स्पेशल और त्यौहार स्पेशल ट्रेनों का किराया कम हो गया। इससे यात्रियों की जेब को राहत मिल गई। पर किराया सामान्य करने के के बाद भी रेलवे ने यात्रियों को मिलने वाली दूसरी सुविधाओं पर को अब तक ग्रीन सिग्नल नहीं दिया है। डेढ़ साल से ज्यादा समय से सीनियर सिटीजन को मिलने वाली रियायत अब तक बहाल नहीं हुई है। बीमार और पत्रकार को मिलने वाली रियायत की सुविधा भी बंद है। इतना ही नहीं त्यौहार स्पेशल ट्रेन बनाकर जिन ट्रेनों को चलाया गया था। उन ट्रेनों का किराया सामान्य होने के बाद भी अब तक तत्काल कोटे की बुकिंग शुरू नहीं हुई है।

डेढ़ साल से रियायत पर रोक

60 साल के सीनियर सिटीजन पुरुष को टिकट के मूल किराए का 40% और 58 साल की महिलाओं को टिकट के मूल किराए का 50% रियायत मिलती थी। पिछले साल 22 मार्च को जनता कर्फ्यू के दौरान जब ट्रेनें बंद हुई तो उसी समय से रेलवे ने सीनियर सिटीजन को मिलने वाली रियायत को छीन लिया। वरिष्ठ नागरिकों के साथ साथ पत्रकारों को भी 50 फीसद किराये में छूट लेकर सभी श्रेणियों में सफर की अनुमति मिलती थी। डेढ़ साल से ज्यादा वक्त से इस सुविधा पर भी रोक लगी हुई है। दूसरी कई तरह की रियायतों पर भी रेलवे की ओर से लगी रोक हटाने को लेकर अब तक निर्णय नहीं हो सका है।

कोरोना की दूसरी लहर के बाद पटरी पर रेल परिचालन

कोरोना की दूसरी लहर थमने के बाद रेल परिचालन धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। उन्होंने स्पेशल के स्थान पर सामान्य तरीके से रेल गाड़ियों को चलाने की घोषणा की थी। इस पर अमल हो गया है। रेल गाड़ियों का स्पेशल का दर्जा सामाप्त कर वैसे ही चलाई जा रही है जैसे कोरोना के पहले चल रही थी। इससे किराया भी घट गया है। यह राहत की बात। अब रियायती टिकट को लेकर सीनियर सिटीजन, बीमार, पत्रकार और वगैरह-वगैरह को रेल मंत्री से काफी उम्मीद है। रेल मंत्री की नजरें रियायती टिकट पर कब इनायत होगी। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही विषय पर रेलवे निर्णय लेगा। 

Edited By: Mritunjay