चासनाला, जेएनएन। पूर्व सांसद प्रो. रीता वर्मा, पटना के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा व उनकी पुत्री सोनाक्षी सिन्हा पर सोशल मीडिया में हो रही अमर्यादित टिप्पणी से कायस्थ समाज मे भारी उबाल देखा जा रहा है। पाथडीह अजमेरा में बुधवार को श्री चित्रगुप्त सेवा संस्थान के पदाधिकारियों ने बैठक कर टिप्पणी की कड़ी निंदा की।

संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष (युवा) राजकुमार सिन्हा ने पत्रकारों से कहा कि कायस्थ समाज की उपेक्षा की जा रही है। पटना से भाजपा के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा के भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल होने पर भाजपा समर्थकों की ओर से उन पर व उनकी पुत्री सोनाक्षी सिन्हा के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी की जा रही है। कायस्थ समाज इसे कतई बर्दाश्त नही करेगा। वर्ष 1991 में रणधीर वर्मा की शहादत के बाद भाजपा ने प्रो. रीता वर्मा को टिकट दिया। उनकी जीत हुई। साथ ही जनता ने लगातार चार बार रीता को सांसद चुना। कहा कि भाजपा आज अनुशासन की बात कर रही है। जब से रघुवर सरकार बनी है। न जाने कितनी बार अनुशासन की ऐसी तैसी की गई।  संजय सिन्हा, विशाल श्रीवास्तव, संदीप श्रीवास्तव, नवीन लाला, एनके सिन्हा, बीके सिन्हा, लव श्रीवास्तव, विकास श्रीवास्तव थे। 

Posted By: mritunjay