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JLKM में बड़ा एक्शन: बरवाअड्डा थाने में बवाल और जयराम महतो को खींच लानेवाले नेता दिलीप चौधरी पार्टी से बाहर

Published: Sun, 06 Sep 2026 10:27 PM (IST)

झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) ने बरवाअड्डा थाना विवाद में दिलीप चौधरी को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर ...और पढ़ें

जेएलकेएम की बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई, दिलीप चौधरी पार्टी से निष्कातिक।

जेएलकेएम की बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई, दिलीप चौधरी पार्टी से निष्कातिक।

HighLights

  1. दिलीप चौधरी को JLKM की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित किया गया।

  2. बरवाअड्डा थाने में विधायक जयराम महतो को बुलाया गया था।

  3. पुलिस ने दिलीप चौधरी और जयराम महतो पर FIR दर्ज की।

संवाद सूत्र, (बरवाअड्डा) धनबाद। झारखंड की राजनीति में भूचाल लाने वाले बरवाअड्डा थाना विवाद पर झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। पार्टी सुप्रीमो सह डुमरी विधायक जयराम महतो को बिना जिला कमेटी को सूचित किए थाना परिसर में खींच लाने और वहां हाई-वोल्टेज ड्रामा कराने के मामले में पार्टी ने कड़ा एक्शन लिया है।

जेएलकेएम के जिला परिषद प्रतिनिधि सह नेता दिलीप चौधरी को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया गया है। केंद्रीय प्रधान महासचिव फरजान खान ने इस बाबत आधिकारिक पत्र जारी कर दिया है। बता दें कि इसी मामले में विधायक और पुलिस एसोसिएशन में ठनी हुई है। राज्य भर में पुलिस कर्मियों में जयराम के प्रति नाराजगी है, वहीं जयराम समर्थकों में पुलिस के प्रति आक्रोश है।

क्या है पूरा मामला?

बीती 21 अगस्त को बरवाअड्डा थाना परिसर में जमकर तमाशा हुआ था। बड़ापिछरी पंचायत की मुखिया यशोदा देवी और जेएलकेएम नेता गणेश दास के बीच फर्जी हस्ताक्षर व प्रमाण पत्र बनवाने को लेकर विवाद शुरू हुआ था। पुलिस द्वारा गणेश दास को हिरासत में लिए जाने के बाद मामला गर्मा गया।

आरोप है कि जिला परिषद प्रतिनिधि दिलीप चौधरी ने फेसबुक लाइव के जरिए पुलिस पर मारपीट की झूठी अफवाह फैलाई, जिसके बाद थाने के बाहर भारी भीड़ जुट गई।

स्थिति तब और बेकाबू हो गई जब बिना स्थानीय संगठन को भरोसे में लिए विधायक जयराम महतो को वहां बुला लिया गया। थाने के भीतर दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच तीखी झड़प, धक्का-मुक्की और थानेदार की मेज पर मुक्का मारकर नेमप्लेट तक तोड़ने के आरोप सामने आए।

पार्टी ने माना अनुशासनात्मक हनन

केंद्रीय नेतृत्व ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए कहा कि ऐसे मनमाने कदमों से पार्टी की साख और छवि धूमिल हुई है। पार्टी ने साफ कर दिया है कि भविष्य में दिलीप चौधरी का जेएलकेएम के किसी भी कार्यक्रम, बैठक या राजनीतिक गतिविधियों से कोई लेना-देना नहीं रहेगा।

इस पूरे प्रकरण के बाद पुलिस ने भी दिलीप चौधरी समेत विधायक जयराम महतो पर सरकारी काम में बाधा डालने और अन्य गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर शिकंजा कस रखा है।