जागरण संवाददाता, धनबाद। झारखंड के प्रमुख शहरों में बढ़ते वायु प्रदूषण के स्तर से चिंतित राज्य सरकार ने इस पर लगाम लगाने का फैसला लिया है। इसके लिए झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद ने कई माडलों का अध्ययन करने के बाद गाेरखपुर माडल को अपनाने का मन बना रही है। राज्य सरकार से निर्देश मिलने के बाद झारखंड राज्य शहरी विकास अभिकरण इसके लिए गोरखपुर शहर के लिए बन माइक्रो प्लान का स्टडी कर रहा है। इसके बाद इसे धनबाद के अलावा रांची और जमशेदपुर में भी लागू किए जाने की योजना है। इन शहरों में इसके प्रभावों की जांच के बाद बाकी के शहरों के भी वायु गुणवत्ता केा सुधारने के लिए इसे लागू किया जा सकता है। यहां ध्यान रहे कि गोरखपुर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का शहर है। वहां पर प्रदूषण को कम करने के लिए बेहतर उपाय उठाए गए हैं।

निदेशक ने अधिकारियों को दिया दिशा-निर्देश

इसकी जानकारी देते हुए अभिकरण के निदेशक अमित कुमार ने बताया कि इससे जुड़े अधिकारियों को निर्देश दिया जा चुका है। जल्द ही इस पर काम शुरू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि भारत सरकार के नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के पहले ही धनबाद, रांची और जमशेदपुर को शामिल किया जा चुका है। इसके मुताबिक प्रदूषण् को तीस फीसद तक कम कर इन शहरों के वायु गुणवत्ता में साल 2025 तक सुधार कर दिया जाना है। कुमार ने कहा कि हवा की गुणवत्ता के राष्ट्रीय मानकों को पूरा नहीे करनेवाले शहरों में सुधार के लिए हवा में पीएम यानि पार्टिकुलेट मैटर की मात्रा को 25 से लेकर 30 प्रतिशत तक कम किया जाना है। पीएम, जिसे हम आम बोलचाल की भाषा में धूलकण भी कहते हैं, वायु प्रदूषण के सबसे ज्यादा उतरदायी तत्व है। इसकी गणना के लिए 2017 की स्थिति को आधार माना गया है। आगे उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत 10 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों को शामिल किए जाने की योजना है। इसके लिए शहरी क्षेत्र में बहुस्तरीय पार्किंग, इलेक्ट्रिकल वाहनों का परिचालन पर जोर, रिमोट सेंसिंग आधारित पीयूसी सिस्टम ग्रीन कवर बढ़ाने के अलावा साइिकल जाेन सहित अन्य उपाय करने का प्रावधान है।

क्या है गाेरखपुर माडल

गोरखपुर नगर निगम ने वायु की गुणवत्ता को सुधारने के लिए कई एहतियाती कदम उठाए हैं। जिसके बाद वहां प्रदूषण पर लगाम लगाने में काफी सफलता मिली है। निगम ने सभी निमार्ण कंपनियों के लिए डस्ट कंट्रोल की सेेल्फ आडिट रिर्पोट साइट पर अपलोड करना अनिवार्य कर दिया है। साथ ही सड़क पर पड़े धूल कणों को साफ करने के लिए मैनयुल सफाई करने का निर्देश है। इसके अलावा निमार्ण कार्य के लिए होनेवाले सामानों को ढ़क कर ही परिवहन करने का सख्त निर्देश है।

Edited By: Mritunjay