बेरमो, जेएनएन। लॉकडाउन के बाद लोग अपना समय घर में परिवार के बीच बिता रहे हैं। नेता और मंत्री भी इससे अछूते नहीं हैं। सूबे के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो घर पर ही अहम कार्य को अंजाम देने के साथ समाचार पत्र और किताब पढ़ रहे हैं। इधर धनबाद मेयर  चंद्रशेखर अग्रवाल व उनकी पत्नी वीणा घर पर चित्रकारी कर समय का सदुपयोग कर रहे हैं।  

शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने शुक्रवार को सुबह उठकर अपने भंडारीदह स्थित आवास में मार्निंग वॉक की। योगा प्राणायाम के बाद स्नान व पूजा की। नाश्ता के बाद आवासीय कार्यालय में अखबार पढ़ देश दुनिया की खबर ली। इस दौरान आ रहे फोन पर समस्याओं को भी सुलझाया। उन्होंने कहा कि अखबार ही ऐसा माध्यम है, जो लोगों तक सही जानकारी पहुंचा रहा है। यह पूरी तरह सुरक्षित है। इससे किसी भी प्रकार का संक्रमण नहीं फैलता है, यह सैनिटाइज होकर लोगों हमारे पास पहुंचता है। दोपहर का खाना खाने के बाद वे प्रेरणादायक किताबें पढ़कर समय गुजारा। फिर कुछ देर आराम करने गए। लॉकडाउन को लेकर विभिन्न राज्यों में फंसे झारखंड के सैकड़ों लोगों व उनके परिजनों के फोन आ रहे थे, उनकी भी हर संभव मदद को जुटे रहे। मंत्री ने इस संकट की घड़ी में सरकार के लॉकडाउन निर्देशों का पालन करने की अपील की है। इधर धनबाद मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल ने इमरजेंसी सेवा के तहत निगम क्षेत्र का चक्कर लगाया। क्षेत्र को सैनिटाइज कराने के बाद घर पहुंचे। इसके बाद मेयर और उनकी पत्नी वीणा अग्रवाल ने स्केच में हाथ आजमाया। चित्रकारी के जरिए जरिए बताया कि अगर आप बाहर नहीं जा सकते तो खुद को अपने अंदर तलाश करें। आपकी प्रतिभा सहयोग करेगी। टीवी पर वे देश भर के हालात भी देखते रहे। मेयर और उनकी पत्नी को स्केच करना काफी पसंद है। इसके बाद अमेरिका में रह रही अपनी बेटी से फोन पर बात की। इससे पहले सुबह की दिनचर्या की शुरुआत रोज की तरह समाचार पत्र पढऩे से की। मौजूदा हालात पर पदाधिकारियों से बात की। मेयर बुधवार को सिंदरी गए थे व वहां सैनिटाइज व्यवस्था का मुआयना किया। निगम और अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों से भी लगातार समन्वय बनाए हैं। 

घर पर ही जरूरी फाइलों को मंत्री दे रहे स्वीकृति

शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो देर शाम विभागीय काम का निष्पादन भंडारीदह स्थित आवासीय कार्यालय में कर रहे हैं। रांची से शिक्षा विभाग के प्रधान आप्त सचिव अवधेश पासवान देर शाम को भंडारीदह पहुंचे। यहां जरूरी फाइलों का निष्पादन किया गया। मंत्री ने 675 माध्यमिक विद्यालय में स्मार्ट क्लास के लिए 45 करोड़ रुपये की स्वीकृति की। कस्तूरबा विद्यालय में मच्छरदानी, कंबल आदि सामग्री के लिए 10 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी। अल्पसंख्यक विद्यालय के वेतन हेतु 20 करोड़ की स्वीकृति दी । कई जरूरी फाइलों का निपटारा किया।

Posted By: Mritunjay

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