विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

झारखंड में कोयला चोरी और अवैध खनन पर लगेगी लगाम, हाईकोर्ट के निर्देश पर बन रही एसओपी

Published: Fri, 09 Oct 2026 05:47 AM (GMT+05:30)

Dhanbad Coal Theft: झारखंड हाईकोर्ट के निर्देश पर कोयला चोरी और अवैध खनन रोकने के लिए एक व्यापक एसओपी तैयार की जा रही है।

धनबाद में बड़े पैमाने पर हो रही कोयले की चोरी। (प्रतीकात्मक फोटो)

धनबाद में बड़े पैमाने पर हो रही कोयले की चोरी। (प्रतीकात्मक फोटो)

HighLights

  1. हाईकोर्ट के निर्देश पर कोयला चोरी रोकने हेतु व्यापक एसओपी तैयार।

  2. अवैध खनन, पर्यावरण संरक्षण पर केंद्रित होगी यह नई नीति।

  3. धनबाद सहित झारखंड के कोयला क्षेत्रों पर रहेगा विशेष फोकस।

जागरण संवाददाता, धनबाद। झारखंड में कोयला चोरी और अवैध खनन पर अंकुश लगाने तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए तैयार की जा रही स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) को अंतिम रूप देने के बाद अटार्नी जनरल आफ इंडिया के पास भेजा जाएगा।

झारखंड हाईकोर्ट के निर्देश पर तैयार हो रहे इस प्रारूप को पांच नवंबर को होने वाली अगली सुनवाई में अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।

इसमें कोयला क्षेत्रों में चोरी पर नियंत्रण, अवैध उत्खनन के खिलाफ कार्रवाई और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियां और कार्रवाई की रूपरेखा तय की जाएगी।

गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने एसओपी को व्यापक और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। इसके बाद केंद्र और राज्य सरकार के स्तर पर इसके प्रारूप को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।

भारत सरकार की ओर से स्टैंडिंग काउंसिल और एएसजीआइ प्रशांत पल्लव तथा झारखंड के महाधिवक्ता वरिष्ठ अधिवक्ता रोहिताश्य राय की देखरेख में इसका मसौदा तैयार किया जा रहा है।

नीति में कोयला चोरी के स्रोतों की पहचान से लेकर अवैध खनन के मामलों में त्वरित कार्रवाई तक की व्यवस्था शामिल किए जाने की तैयारी है।

साथ ही खनन गतिविधियों से प्रभावित क्षेत्रों में पर्यावरणीय क्षति को कम करने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए आवश्यक कदमों को भी इसमें शामिल किया जाएगा।
धनबाद समेत कोयला क्षेत्रों पर रहेगा विशेष फोकस

झारखंड के कोयला बहुल इलाकों में लंबे समय से कोयला चोरी और अवैध खनन के मामले सामने आते रहे हैं। धनबाद सहित अन्य कोयला क्षेत्रों में इस तरह की गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए पुलिस, जिला प्रशासन, कोयला कंपनियों, सीआइएसएफ और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत महसूस की जा रही है।

प्रस्तावित एसओपी में इन एजेंसियों के बीच समन्वित कार्रवाई की व्यवस्था को भी स्पष्ट किया जाएगा।

वीडियो कान्फ्रेंसिंग से जुड़े उपायुक्त व नगर आयुक्त

सुनवाई के दौरान धनबाद के उपायुक्त आदित्य रंजन और नगर आयुक्त वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल, सीआइएसएफ के आइजी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।

अधिकारियों की मौजूदगी में कोयला चोरी, अवैध खनन और पर्यावरण से जुड़े विषयों पर आवश्यक बिंदुओं को लेकर चर्चा हुई।

ग्रामीण एकता मंच की याचिका पर चल रही सुनवाई

कोयला चोरी, अवैध खनन और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा मामला ग्रामीण एकता मंच की ओर से दायर याचिका की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट के समक्ष आया था।

अदालत ने इन गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा करने और सभी संबंधित पक्षों को शामिल करते हुए एक ठोस एसओपी तैयार करने का निर्देश दिया था।

यह भी पढ़ें- धनबाद में झरिया से लेकर कतरास तक हो रही कोयले की चोरी, सीसीटीवी में कैद हुई तस्वीरें

यह भी पढ़ें- धनबाद में धड़ल्ले से चल रही कोयले की अवैध खदानें, निरसा विधायक अरूप चटर्जी ने खोली पोल