यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 08, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
झरिया थाना के नए प्रभारी के समक्ष अपराध रोकने की कई चुनौतियां
झरिया धनबाद जिले के महत्वपूर्ण और संवेदनशील झरिया थाना क्षेत्र में अवैध धंधों की भरमार है। आए दिन यहां गंभीर ...और पढ़ें

गोविद नाथ शर्मा, झरिया : धनबाद जिले के महत्वपूर्ण और संवेदनशील झरिया थाना क्षेत्र में अवैध धंधों की भरमार है। आए दिन यहां गंभीर अपराध भी होते रहते हैं। ऐसे में दो दिन पूर्व झरिया थाना का पदभार ग्रहण करने वाले नए थाना प्रभारी सह इंस्पेक्टर पंकज कुमार झा के समक्ष अपराध को रोकने की बड़ी चुनौतियां हैं। पंकज इसके पूर्व सिदरी अंचल थाना के इंस्पेक्टर थे। झरिया के पूर्व थाना प्रभारी पीके सिंह की ओर से एना आरके ट्रांसपोर्ट आउटसोर्सिग परियोजना में पिछले दिनों किए गए लाठीचार्ज और लोगों को अपशब्द बोलने के कारण बोकारो की आइजी प्रिया दुबे ने उन्हें निलंबित कर दिया था। हालांकि झरिया थाना के नए प्रभारी पंकज ने पदभार ग्रहण करते ही कहा कि अपराध पर अंकुश लगाना उनकी प्राथमिकता होगी। इसके अलावा झरिया थाना क्षेत्र में अवैध धंधों को चलने नहीं दिया जाएगा। झरिया में है अवैध धंधों की भरमार : झरिया थाना क्षेत्र में अवैध धंधों की भरमार है। यहां बंद खदानों व कोलियरी से अवैध कोयले व लोहा की चोरी, अवैध शराब व मादक पदार्थों की बिक्री, दो नंबर सामान बनाने का धंधा होता है। कई अवैध वधशाला भी चलते हैं। नई दुनिया में घर-घर देसी शराब बनाए जाते हैं। बाइक चोरों का यहां आतंक है। महिलाओं व लड़कियों से छेड़खानी की घटनाएं होती रहती हैं। इन सब पर अंकुश लगाना नए थाना प्रभारी के लिए चुनौती होगी। आउटसोर्सिग में अपराध, चोरी और विवाद को रोकना होगा :
बीसीसीएल की कई आउटसोर्सिग परियोजनाएं यहां संचालित हैं। कोयला उत्पादन होता है। यहां विभिन्न कारणों से हर दिन विवाद भी होते हैं। आउटसोर्सिंग संचालक पर विभिन्न राजनीतिक दल व यूनियन के लोग कोयला और लोहा चोरी कराने का आरोप भी लगाते रहते हैं। यह सही है। यहां असंगठित मजदूरों को एचपीसी का वेतन भी नहीं मिलता है। इस कारण यूनियन के लोग हमेशा मोर्चा खोलकर विरोध करते रहते हैं। इन पर भी काबू पाना झरिया थाना के नए प्रभारी पंकज के लिए चुनौती होगी।
