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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 25, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

झारखंड में कांग्रेस का कुर्मी चेहरा बने Jaleshwar Mahto, मिली प्रदेश संगठन में अहम जिम्मेवारी

By MritunjayEdited By:
Published: Wed, 25 Aug 2021 10:02 PM (IST)Updated: Thu, 26 Aug 2021 08:14 AM (IST)

Jaleshwar Mahto झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी का पुनर्गठन किया गया है। राज्य के वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव के स्थान पर ...और पढ़ें

झारखंड के पूर्व मंत्री जलेश्वर महतो ( फाइल फोटो)।
झारखंड के पूर्व मंत्री जलेश्वर महतो ( फाइल फोटो)।

जागरण संवाददाता, धनबाद। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी का पुनर्गठन किया गया है। यह पुनर्गठन दिसंबर, 2019 में राज्य विधानसभा चुनाव के बाद से ही प्रतिक्षित था। विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में झामुमो गठबंधन की सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपनी सरकार में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रामेश्वर उरांव को वित्त मंत्री बनाया। इसके बाद से ही प्रदेश में कांग्रेस नेतृत्व में बदलाव की चर्चा चल पड़ी। अब जाकर नेतृत्व परिवर्तन हुआ है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने राजेश ठाकुर को झारखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नियुक्ति किया है। इसके अलावा चार कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्ति किए गए हैं। इनमें एक धनबाद के जलेश्वर महतो भी शामिल हैं।

 

काैन हैं जलेश्वर महतो

जलेश्वर महतो धनबाद के बाघमारा विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक रह चुके हैं। वे पहली बार जदयू के टिकट के पर साल 2000 के बिहार विधानसभा चुनाव में विधायक बने। साल 2005 में झारखंड विधानसभा चुनाव के दाैरान दूसरी पर जदयू के टिकट पर बाघमारा विधानसभा क्षेत्र में जीत दर्ज की। हालांकि इसके बाद वह साल 2009 और 2014 के विधानसभा चुनाव के दाैरान चुनाव हार गए। साल 2019 के झारखंड विधानसभा चुनाव के दाैरान कांग्रेस के टिकट पर बाघमारा से चुनाव लड़े। सफलता नहीं मिली। अब कांग्रेस ने उन्हें झारखंड प्रदेश कांग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया है।

29 दिसंबर, 2018 को राहुल गांधी के सामने कांग्रेस में हुए थे शामिल

जलेश्वर महतो पुराने कांग्रेसी नहीं हैं। कांग्रेस में उनकी राजनीति पौने तीन साल पुरानी है। वह 29 दिसंबर, 2018 को नई दिल्ली में कांग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष राहुल गांधी के सामने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी। तब वह झारखंड प्रदेश जनता दल यू के अध्यक्ष थे।

एक जमाने में नीतीश कुमार के हुआ करते थे खास

जलेश्वर महतो कभी बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खास हुआ था। इसी कारण झारखंड बनने के बाद जब यहां बाबूलाल मरांडी की सरकार बनी तो पहली बार के विधायक होने के बावजूद जलेश्वर महतो को मंत्री बनाया गया। वह अर्जुन मुंडा सरकार में भी मंत्री बने। मुख्यमंत्री रहते हुए नीतीश कुमार पटना से चलकर धनबाद में जलेश्वर महतो के घर आते रहे हैं।

इस कारण कांग्रेस ने जलेश्वर को बनाया कार्यकारी अध्यक्ष

जलेश्वर महतो कुर्मी जाति से आते हैं। झारखंड की राजनीति में कुर्मी जाति प्रभावी भूमिका में है। कांग्रेस के पास इस समय कोई ऐसा चेहरा नहीं है तो कुर्मी जाति को पार्टी से जोड़ सके। जलेश्वर की कुर्मी जाति में पकड़ और पहचान है। यही कारण है कि चुनाव हार जाने के बाद भी कांग्रेस ने महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी है। कांग्रेस में शामिल होने के बाद पार्टी ने जलेश्वर को बाघमारा विधानसभा क्षेत्र से 2019 में चुनाव लड़ाया। वे नजदीकी अंतर से चुनाव हार गए। इसके बाद भी कांग्रेस ने जलेश्वर पर विश्ववास किया है तो यह आसानी से समझा जा सकता है।