विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

रेलवे में ग्रुप बी और सी के 7000 नए पदों का सृजन जल्द, रनिंग अलाउंस पर आयकर छूट बढ़ी

Published: Mon, 25 May 2026 11:04 PM (IST)

रेलवे में जल्द ही 7000 नए पदों का सृजन होने की उम्मीद है, जिसमें 5000 ग्रुप सी और 2000 ग्रुप ...और पढ़ें

NFIR 70% अलाउंस पर पूर्ण छूट चाहता है।

NFIR 70% अलाउंस पर पूर्ण छूट चाहता है।

HighLights

  1. रेलवे में 7000 नए पदों के सृजन की उम्मीद।

  2. रनिंग अलाउंस पर आयकर छूट सीमा 25 हजार हुई।

तापस बनर्जी, धनबाद। रेलवे में जल्द ही 7000 नए पद सृजन की घोषणा होने की उम्मीद है। 5000 ग्रुप सी के सुपरवाइजर स्तर के पदों के साथ-साथ 2000 ग्रुप बी के पद सृजन होंगे।

नेशनल फेडरेशन आफ इंडियन रेलवेमेन-एनएफआइआर ने रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव से नए पदों के सृजन को लेकर वित्त मंत्री से वार्ता का आग्रह किया था। फेडरेशन के प्रस्ताव के जवाब में रेलवे बोर्ड के प्रधान कार्यकारी निदेशक की ओर से बताया गया कि वित्त मंत्रालय के समक्ष गैर-राजपत्रित पर्यवेक्षी पदों के सृजन का प्रस्ताव विचाराधीन है।

फेडरेशन की ओर से नई ट्रेनें, ट्रैक विस्तार और आधारभूत संरचना विस्तार के मद्देनजर नए पद सृजन की मांग लगातार उठाई गई है।

पिछले दिनों आयोजित नेशनल काउंसिल-जेसीएम में भी इससे जुड़ी मांग पेश की गई थी। अब राष्ट्रीय महामंत्री ने रेलमंत्री से भी आग्रह किया है। उम्मीद है वित्त मंत्रालय शीघ्र पहल करेगा।
-पीएस चतुर्वेदी, सहायक महामंत्री, एनएफआइआर

रनिंग अलाउंस की आयकर छूट सीमा अब 25 हजार

धनबाद। रेलवे कर्मचारियों को रनिंग अलाउंस में आय कर छूट की सीमा अब 10 हजार के बदले 25 हजार तक मिलेगी। नेशनल फेडरेशन आफ इंडियन रेलवेमेन-एनएफआइआर की ओर से विभिन्न स्तरों पर इस मुद्दे को उठाने और रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष के साथ कई बैठकों के बाद एक अप्रैल से इसे प्रभावी कर दिया गया।

हालांकि फेडरेशन सभी रनिंग स्टाफ को आश्वस्त किया है कि जब तक रनिंग अलाउंस के पूरे 70% टीए हिस्से को आयकर के दायरे से पूर्वव्यापी प्रभाव से पूर्ण रूप से छूट नहीं मिल जाती, संघर्ष तब तक जारी रहेगा।

फेडरेशन के सहायक महामंत्री पीएस चतुर्वेदी ने बताया कि एनएफआइआर लगातार रनिंग स्टाफ को मिलने वाली वैध आयकर छूट के लिए संघर्ष कर रहा है।

रनिंग अलाउंस का केवल 30 प्रतिशत हिस्सा ही कराधान के लिए वेतन माना जाता है, जबकि शेष 70 प्रतिशत को यात्रा भत्ता (टीए) घटक माना जाता है और ऐसे में इसे आयकर के दायरे से बाहर रखा जाना चाहिए। इस मुद्दे को एनएफआइआर ने पीएनएम के माध्यम से भी उठाया था।

फेडरेशन का कहना है कि एक बार जब रनिंग अलाउंस का 70 प्रतिशत टीए घटक के रूप में मान्यता प्राप्त है, तो आयकर छूट के लिए किसी भी मौद्रिक सीमा को लागू करने का कोई औचित्य नहीं है।