धनबाद, जेएनएन। आयकर विभाग के अन्वेषण विंग ने मंगलवार को धनबाद में बड़ी कार्रवाई की है। आयकर विभाग की यह छापामारी बुधवार को भी जारी रही। इस दौरान लोहा और स्पंज के बड़े कारोबारी जयप्रकाश देवरालिया, सुभाष अग्रवाल, विकास अग्रवाल, प्रदीप पोद्दार और मानवेंद्र चक्रवर्ती के यहां छापेमारी की गई है। मूल रूप से छत्तीसगढ़ की कंपनी के तार धनबाद से भी जुड़े हुए हैं। कंपनी के बोर्ड ऑफ  डायरेक्टर में दो निदेशकों का संबंध धनबाद से है। आयकर विभाग की जद में हाईटेक स्टील और नंद स्टील आई हैं।

जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ आयकर विभाग की टीम ने धनबाद के अधिकारियों के साथ मिलकर इस छापामारी को अंजाम दिया है। आयकर विभाग के सूत्रों की मानें तो झारखंड और छत्तीसगढ़ के एक दर्जन से अधिक ठिकानों पर एकसाथ छापेमारी चल रही है। हाईटेक स्टील और नंद स्टील के मालिक का आवास धनबाद के पुराना बाजार रतन जी रोड पर है। वे यहां विकास ट्रेडर्स के नाम से व्यवसाय कर रहे हैं। धनबाद के बाजार समिति से भी व्यवसाय करने की सूचना छापेमारी टीम को मिली है। छत्तीसगढ़ की इस कंपनी का स्टील बोकारो सेल में सप्लाई होता है। आयकर विभाग के अनुसार जयप्रकाश देवरालिया एंड ग्रुप के जिन ठिकानों पर छापेमारी चल रही है, इसमें रतनजी रोड स्थित विकास ट्रेडर्स, झरिया का लाल बाजार, रणधीर वर्मा चौक के पास देवरालिया के सीए का घर, जयप्रकाश देवरालिया के बिग बाजार के पास स्थित आवास और उनके एक पार्टनर का शांति भवन बैंक मोड़ स्थित आवास में यह छापेमारी की गई है।

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बताते चलें कि जयप्रकाश देवरालिया वनवासी कल्याण केंद्र से भी जुड़े हुए हैं और इनका स्टील के साथ-साथ कोयले का भी बड़ा कारोबार है। हाल फिलहाल इन्होंने छत्तीसगढ़ में स्टील का एक बड़ा प्लांट स्थापित किया है। जयप्रकाश देवरालिया का अधिकतर बिजनेस छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में है। वहां इनका स्टील प्लांट, स्पंज आयरन और हार्डकोक का व्यवसाय है। धनबाद में अपनो घर नाम से कंस्ट्रक्शन का भी काम चल रहा है।

नवंबर 2017 में भी देवरालिया और पार्टनरों के यहां हुई थी छापामारी, मिले थे 250 करोड़ःयह पहली बार नहीं है कि जयप्रकाश देवरालिया और उनके सहयोगियों के घर पर आयकर विभाग ने दबिश दी है। नवंबर 2017 में भी आयकर विभाग ने छापेमारी कर करीब 250 करोड़ रुपये की अघोषित संपत्ति का खुलासा किया था। साथ ही एक करोड़ रुपये नकद, पांच किलो सोना और नौ बैंक लॉकर सीज किया गया था। यह छापेमारी धनबाद के अलावा कोलकाता में हुई थी। आयकर विभाग को सूचना मिली थी कि नोटबंदी के बाद देवरालिया एवं सहयोगियों ने कंस्ट्रक्शन के क्षेत्र में अपना पैसा लगाया है। अब स्टील, स्पंज एवं हार्डकोक के मामले को लेकर छापेमारी हुई है।

 

 

Posted By: Mritunjay

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