झरिया, जेएनएन। ईद की खुशी मातम में बदल गई। जोड़ापोखर में बरारी एक नंबर काली मंदिर के पास रहने वाले टेंपो चालक शहादत इराकी ने तीन दिन पहले पत्नी अफसाना खातून एवं 13 माह की बेटी खुशबू की गला रेत कर हत्या कर दी, फिर फांसी लगा ली। रविवार को बदबू फैली तो लोगों ने घर के भीतर झांका। वहां फंदे पर शहादत की लाश दिखी। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। खटिया पर अफसाना का शव था। फर्श पर सूख चुका खून दिखा। पुलिस को प्रारंभिक जांच में पता चला कि दो साल पहले शहादत एवं अफसाना ने प्रेम विवाद किया था। उनमें खूब कहा-सुनी होती थी। आर्थिक तंगी थी। घरेलू विवाद में यह वारदात हुई। पुलिस और पहलुओं पर भी गौर कर रही है।

खटिया पर था मां-बेटी का शव

जोड़ापोखर थानेदार सत्यम कुमार ने घर खोला तो तीन शव मिले। शहादत का शव आंगन में प्लास्टिक की रस्सी के सहारे एक एंगल से लटका था। खटिया पर अफसाना व खुशबू का गला रेता शव था। सिटी एसपी आर राम कुमार एवं सिंदरी डीएसपी अजीत कुमार सिन्हा भी मौके पर गए। घर में पुलिस को कोई हथियार नहीं मिला।

अच्छे नहीं थे संबंध : अफसाना के पिता मोमिन अंसारी ने पुलिस को बताया कि पति-पत्नी के बीच अच्छे रिश्ते नहीं थे। 25 दिन पहले अफसाना मायके आ गई थी। एक सप्ताह पहले शहादत आया था और अफसाना को ले गया था। दो साल पहले दोनों ने रजामंदी से शादी की थी। शहादत टेंपो चलाता था। लॉकडाउन होने के बाद फल एवं सब्जी बेच रहा था।

टाटा कोलियरी के सेवानिवृत्त कर्मी हैं शहादत के पिता

शहादत के पिता अयूब इराकी टाटा स्टील के झरिया कोल डिवीजन में कार्यरत रहे हैं। वे सेवानिवृत्त हो चुके हैं। अभी गोविंदपुर में अपना घर बनाकर रह रहे हैं। अयूब को आठ पुत्र और एक पुत्री है। शहादत सबसे छोटा था।

प्रारंभिक अनुसंधान में ये संकेत मिले हैं कि तीन दिन पहले यह वारदात हुई। ऐसा लग रहा है कि घरेलू विवाद में शहादत ने पत्नी एवं पुत्री की हत्या की। फिर खुद फांसी लगा ली। और भी पहलुओं पर जांच पड़ताल हो रही है। सोमवार को सभी लाशों का पोस्टमार्टम किया जाएगा।

-अजीत कुमार सिन्हा, पुलिस उपाधीक्षक, सिंदरी

Posted By: Mritunjay

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