US Israel Iran War का असर बेअसर, HURL के तीनों प्लांट में यूरिया उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर
HURL Achieves Urea Production: अमेरिका, इजरायल और ईरान युद्ध के बावजूद, भारत सरकार ने HURL को गैस आपूर्ति में कटौती ...और पढ़ें

HURL का सिंदरी प्लांट यूरिया उत्पादन में सबसे आगे।
HighLights
HURL ने युद्ध के बावजूद रिकॉर्ड यूरिया उत्पादन किया।
भारत सरकार ने गैस आपूर्ति में कोई कटौती नहीं की।
सिंदरी इकाई ने 109% क्षमता के साथ सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।
बरमेश्वर, सिंदरी (धनबाद)। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच युद्ध के कारण देश में पेट्रोलियम उत्पादों के संकट की आशंका जताई जा रही है। इसके बावजूद भारत सरकार ने हिंदुस्तान उर्वरक व रसायन लिमिटेड (HURL) को गैस आपूर्ति में कोई कटौती नहीं की है।
प्राकृतिक गैस से होगा यूरिया का उत्पादन
HURL की तीनों इकाइयों-सिंदरी, गोरखपुर और बरौनी-को पर्याप्त मात्रा में गैस की आपूर्ति हो रही है। इसके चलते तीनों इकाइयों में यूरिया का उत्पादन भी रिकॉर्ड स्तर पर हो रहा है। इन प्लांटों में यूरिया उत्पादन के लिए मुख्य रूप से प्राकृतिक गैस (Natural Gas) का उपयोग किया जाता है।

HURL के एमडी शिव कुमार मोहंती ने बताया कि कंपनी की तीनों इकाइयों-सिंदरी, गोरखपुर और बरौनी-को भारत सरकार द्वारा पर्याप्त गैस उपलब्ध कराई जा रही है। इसी के कारण HURL ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में यूरिया का रिकॉर्ड उत्पादन किया है।
38.97 लाख मीट्रिक टन यूरिया का उत्पान
एमडी ने बताया कि HURL के सिंदरी, गोरखपुर और बरौनी उर्वरक संयंत्रों का वार्षिक उत्पादन लक्ष्य 38.11 लाख मीट्रिक टन था। इसके मुकाबले तीनों इकाइयों ने कुल 38.97 लाख मीट्रिक टन यूरिया का उत्पादन किया, जो लक्ष्य का 102.3 प्रतिशत है।
सिंदरी का प्रदर्शन सबसे बेहतर
उन्होंने बताया कि HURL सिंदरी ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया है। सिंदरी इकाई ने अपनी वार्षिक उत्पादन क्षमता का 109 प्रतिशत उत्पादन किया है। दूसरे स्थान पर गोरखपुर इकाई रही, जहां 104 प्रतिशत उत्पादन दर्ज किया गया।
वहीं, बरौनी इकाई ने अपनी क्षमता का 94 प्रतिशत यूरिया उत्पादन किया है। एमडी शिव कुमार मोहंती ने HURL के इस रिकॉर्ड उत्पादन का श्रेय भारत सरकार को देते हुए कहा कि पर्याप्त गैस आपूर्ति के कारण ही यह संभव हो पाया है।
