जागरण संवाददाता, धनबाद : नगर निगम ने दो दिन पहले ही स्वच्छता सर्वेक्षण 2022 के तहत आयोजित स्वच्छता सर्वेक्षण प्रतियोगिता का परिणाम जारी किया। इसमें कई सरकारी गैर सरकारी संस्थाओं को स्वच्छता के आधार पर प्रथम द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार से नवाजा गया। पुरस्कार पाने वाली कई संस्थाएं ऐसी भी हैं, जहां साफ सफाई नाममात्र की दिखती है। कुछ जगह सफाई जरूर नजर आ जाती है। इनका पुरस्कार पाना लाजमी है। दैनिक जागरण ने ऐसे ही आधा दर्जन संस्थाओं की पड़ताल की। जिसमें पाया गया कि अधिकतर में साफ-सफाई का अभाव है। यहां बता दें कि नगर निगम ने स्वच्छता के पैमाने पर परखते हुए सदर अस्पताल, कस्तूरबा झरिया, होटल सोनोटेल, एफसीआइ सिदरी, बैंक मोड़ मार्केट और कासा सिलेस्ट मोहल्ले को स्वच्छता प्रतियोगिता में प्रथम स्थान दिया है। प्रतियोगिता के दौरान यहां साफ-सफाई की स्थिति, घरेलू एवं सार्वजिनक कचरे के निस्तारण की व्यवस्था, बाथरूम, कैंटीन, किचन, क्लासरूम और परिसर में सफाई की स्थिति का जायजा लिया गया था। मोहल्ला श्रेणी में कासा सिलेस्ट, ओजोन एग्जॉटिका एवं प्रभु दर्शन पॉश कालोनियां हैं। ये पहले से ही साफ-सुथरी हैं। निगम के किसी भी मोहल्ले को इस श्रेणी में शामिल नहीं किया गया।

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सदर अस्पताल में कई जगह गंदगी का अंबार

सदर अस्पताल की बात करें तो यहां भी गंदगी दिख जाएगी। अस्पताल से निकलने वाला हर दिन का कचरा यहीं जला दिया जा रहा है, जबकि इसे सेग्रीगेट कर अलग-अलग निस्तारण करना है। इसमें प्लास्टिक और अन्य कचरा शामिल है। यही नहीं अस्पताल परिसर में आवारा कुत्तों का भी जमावड़ा लगा रहता है। इसके बावजूद सदर अस्पताल ने स्वच्छता पुरस्कार में प्रथम स्थान हासिल किया। जबकि अस्पताल का निरीक्षण नगर आयुक्त समेत सिटी मैनेजर प्रेम प्रकाश की टीम ने किया था।

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एसबीआइ हीरापुर में बहता है गंदा पानी

एसबीआइ हीरापुर कार्यालय को स्वच्छता पुरस्कार के कार्यालय की श्रेणी में द्वितीय स्थान मिला है। यहां कोर्ट परिसर होने की वजह से लोगों का जमावड़ा लगा रहता है। एसबीआइ कार्यालय के ठीक सामने से गंदा पानी बहता रहता है। इस ओर न तो एसबीआइ प्रबंधन का ध्यान है और न ही नगर निगम का। इसी परिसर में एसडीओ कार्यालय, उपभोक्ता फोरम समेत कोर्ट का आधे से ज्यादा कामकाज होता है, फिर भी सफाई नदारद है। इसके बाद भी सोचा था स्वच्छ कार्यालय की श्रेणी में इसे द्वितीय पुरस्कार मिल गया।

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पार्क मार्केट में अतिक्रमण व गंदगी का अंबार

पार्क मार्केट को स्वच्छता पुरस्कार की मार्केट श्रेणी में द्वितीय पुरस्कार मिला है। जबकि आधे से ज्यादा पार्क में अतिक्रमण है। यहां रेस्टोरेंट्स खुल गया है, जगह-जगह गंदगी है, कुछ अवैध दुकानें भी बन गई हैं। जगह-जगह गंदा पानी बहता दिख जाता है। हालांकि सड़क जरूर साफ-सुथरी दिखती है।

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जालान अस्पताल में भी दिखी गंदगी

सदर अस्पताल के बाद एशियन जालान अस्पताल को स्वच्छ अस्पताल की श्रेणी में द्वितीय पुरस्कार से नवाजा गया है। अस्पताल तो काफी बड़ा है। कई बीमारियों का इलाज भी होता है। इन सबके बावजूद सफाई पर अस्पताल प्रबंधन का ध्यान नहीं है। स्थल से निकलने वाला कचरा अस्पताल परिसर में ही एक कोने में एकत्रित किया जा रहा है जिसमें सभी तरह का बायोमेडिकल वेस्ट और अन्य सामग्री शामिल है। दो-तीन टूटी फूटी डस्टबिन भी रखी हुई है। ------------------------

आयकर कार्यालय में दिखी सफाई

सरकारी कार्यालयों में आयकर कार्यालय को तीसरा स्थान मिला है। सफाई की बात करें तो सबसे अधिक साफ सुथरा यही कार्यालय दिखता है। कहीं भी किसी तरह की गंदगी नहीं। गंदे पानी की निकासी के लिए सिस्टमैटिक टैंक बना हुआ है। हर दिन निकलने वाले कचरे के लिए डस्टबिन की अलग व्यवस्था की गई है। पूरा कार्यालय परिसर सफाई का उत्कृष्ट उदाहरण है। यह जरूर है कि मुख्य गेट के सामने जगह अतिक्रमण है।

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निगम ने इन्हें दिया है पुरस्कार

- स्वच्छ स्कूल : कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय भौंरा झरिया प्रथम, डिनोबिली स्कूल धनबाद द्वितीय एवं कार्मल स्कूल डिगवाडीह तृतीय।

- स्वच्छ अस्पताल : सदर अस्पताल प्रथम, एशियन जालान अस्पताल द्वितीय एवं असर्फी अस्पताल तृतीय।

- स्वच्छ सरकारी कार्यालय : एफसीआइ सिदरी प्रथम, एसबीआइ हीरापुर द्वितीय एवं आयकर कार्यालय तृतीय।

- स्वच्छ मोहल्ला : कासा सिलेस्ट प्रथम, ओजोन एग्जॉटिका द्वितीय एवं प्रभु दर्शन तृतीय।

- स्वच्छ होटल : सोनोटेल प्रथम, ककून होटल द्वितीय एवं स्काईलार्क होटल तृतीय।

- स्वच्छ मार्केट : बैंक मोड़ मार्केट प्रथम, पार्क मार्केट द्वितीय एवं शहरपुरा मार्केट सिदरी तृतीय।

Edited By: Jagran