बाघमारा : ब्लाक दो क्षेत्र के डेको आउटसोर्सिंग पैच में मंगलवार की शाम हैवी ब्लास्टिग से उड़े पत्थरों ने बगल के सिदपोखी गांव में बवाल मचा दिया। पत्थरों की बरसात से तीन घरों का छत क्षतिग्रस्त हो गया। कई घरों में दरारें पड़ गई। रिकु रवानी नामक युवक घायल हो गया। अकस्मात हुई घटना से पूरे गांव में अफरातफरी मच गई। लोग अपने घरों तथा अन्य जगहों में दुबक गए।

जब पत्थरों का गिरना कम हुआ तो लोग घरों से निकले। आउटसोर्सिंग कंपनी व प्रबंधन के प्रति लोगों में आक्रोश फैल गया। दर्जनों की संख्या में गांव की महिलाएं व पुरुष ब्लाक दो ओसीपी पहुंचे। ओसीपी का विभागीय व डेको आउटसोर्सिंग कंपनी का काम बंद करा दिया। परियोजना में जहां-तहां मशीनें खड़ी हो गई। ग्रामीण व्यू प्वाइंट के समीप फेस में जाने वाले मुख्य मार्ग को जाम कर वहीं धरना पर बैठ गए।

सूचना पाकर विधायक ढुलू महतो ग्रामीणों के बीच पहुंचे और घटना की जानकारी लेकर प्रबंधन से दूरभाष पर बात की। प्रभावित लोगों को मुआवजा देने की मांग की। इधर कोलियरी के प्रबंधक केके दत्ता आंदोलन स्थल पर पहुंचे और ग्रामीणों से वार्ता कर समाधान करने का प्रयास किया। ग्रामीणों ने यह कह कर वार्ता करने से इन्कार कर दिया कि यह मामला आपके स्तर का नहीं है। इसलिए आपसे कोई वार्ता नहीं करेंगे।

ग्रामीण अपनी मांग पर डटे हुए हैं। बाघमारा थाना की पुलिस व सीआईएसएफ के जवान वहां मौजूद हैं। ग्रामीणों ने बताया कि ब्लास्टिग से महेंद्र गोप, राजू गोप के घर की छत क्षतिग्रस्त हो गई है, जबकि वीरू रवानी की दुकान टूट गई। दुकान के बाहर रिकू खड़ा था जिसके पैर पर पत्थर आकर गिरा। उसके पैर में चोट आई है। काफी संख्या में महिलाएं भी आंदोलन स्थल पर जमी हुई हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि जब से डेको आउटसोर्सिंग कंपनी यहां उत्पादन कार्य कर रही है तभी से प्रतिदिन हैवी ब्लास्टिग की जा रही है। इससे उनके घर, मकानों में दरार आ गई है। ब्लाक दो प्रबंधन से शिकायत करने के बाद भी अधिकारी कुछ नहीं कर रहे हैं। अधिकारी आउटसोर्सिंग प्रबंधन की भाषा ही बोलते हैं। सांसद प्रतिनिधि रामाशंकर तिवारी, पंसस सुरेश रजक, किशोर ठाकुर, नरेश महतो, राकेश गयाली, संजय रजवार, दिवाकर महथा, विजय महतो, लखींद्र महतो, पिटू रवानी ग्रामीणों के समर्थन में आंदोलन स्थल पर डटे हुए हैं। उनके समर्थन में केशरगढ़, सदरियाडीह के ग्रामीण भी आ गये हैं। इनमें सोनी देवी, प्रियंका देवी, रोशनी देवी, रीना देवी आदि महिला है।

नियोजन व मुआवजा के साथ पुनर्वास की व्यवस्था करें :

ग्रामीणों की मांग है कि सिदपोखी, केशरगढ़ गांव को पूर्ण रूप से नियोजन मुआवजा देकर विस्थापित किया जाय। जब तक गांव को विस्थापित नहीं किया जाएगा तब तक यहां के लोग भय के वातावरण में जीवन बिताते रहेंगे। सिदपोखी गांव में 89 नियोजन का बीसीसीएल प्रबंधन से समझौता किया गया था। इसमें 53 लोगों को नियोजन दिया गया। जबकि 23 नियोजन का मामला अभी भी बाकी है। इसके साथ केशरगढ़ में भी पूर्व के समझौते के मुताबिक नियोजन का मामला अधर में लटका कर रखा गया है। ग्रामीणों की मांगों पर विचार किया जा रहा है। मुख्यालय के दिशानिर्देश पर कार्रवाई की जाएगी।

केके सिंह, पीओ, बीओसीपी माइंस।

Edited By: Jagran