जागरण संवाददाता, धनबाद: राज्य के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं को उनके घर के आस पास उपलब्ध कराने के लिए पूर्ववर्ती रघुवर दास के नेतृत्व वाली सरकार ने अटल मोहल्ला स्वास्थ्य क्लिनिकों की शुरुआत की थी। इस दौरान धनबाद में भी ऐसे 10 मोहल्ले क्लिनिक चालू किए गए थे। लेकिन दो साल पहले पूरे धूम धूम से शुरू की गई रघुवर सरकार की यह महत्वकांक्षी योजना समय के साथ दम तोड़ती चली गई। वजह थी इस योजना के लिए डाक्टरों की कमी।

एकबार फिर से इन क्लिनिकों के दिन बहुरने की उम्मीद जगने लगी है। वर्तमान सरकार ने इसकी सुध लेते हुए इसे फिर से चालू करने के लिए योग्य चिकित्सकों की बहाली का निर्णय किया है। साथ ही इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के स्थानीय अधिकारियों को इसकी जिम्मेवारी दी है। जिसके बाद धनबाद के मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी सह सिविल सर्जन डा एस के कांत ने इन क्लिनिकों के संचालन के बहाली के लिए आवेदन मंगाए है।

इसकी जानकारी देते हुए डा कांत कहते हैं कि विभाग ने एमबीबीएस डाक्टरों की नियुक्ति के लिए अनुमति दे दी है। अब इन क्लिनिकाें को चलाने हेतू डाॅक्टरों की नियुक्ति के लिए आवेदन मंगाया गया है। इसके लिए अधिकतम उम्र सीमा 70 वर्ष रखी गई है। अत: इस उम्र सीमा तक के वैसे डाॅक्टर भी आवेदन कर सकते हैं, जाे पूरी तरह स्वस्थ हैं। आवदेनों की छंटनी के बाद चयनित आवेदकाें का साक्षात्कार 29 सितंबर काे सिविल सर्जन कार्यालय में हाेगा। जिसके बाद अंतिम रूप से चयनित चिकित्सकाें काे शहरी क्षेत्र के क्लिनिक में याेगदान कराया जाएगा। दाे घंटे की सेवा के लिए डाॅक्टराें काे राेज सात साै रुपए मिलेंगे।

डा कांत ने बताया कि इस योजना के तहत कुल बारह केंद्र खोले गए थे। लेकिन डाॅक्टराें की कमी के कारण फिलहाल पुलिस लाइन और भूली स्थित केंद्र का ही संचालन हाे पा रहा है। वह भी कभी एक टाइम ताे कभी वह भी बंद। लेकिन डाक्टरों की बहाली के बाद यह समस्या समाप्त हो जाएगी।

Edited By: Atul Singh