धनबाद, जेएनएन। भटिंडा फॉल। इसकी प्राकृतिक सुरंदरता के क्या कहने? नाम ही काफी है। इसकी सुंदरता को नजदीक से निहारने के लिए कोयलांचल के साथ ही झारखंड और प. बंगाल से पर्यटक खींचे चले आते हैं। इन दिनों इस फॉल में तिरंगे की धारा बह रही है। गणतंत्र दिवस की तैयारियों के माहाैल में तिरंगे की धारा ने फॉल की सुरंदरता में चार चांद लगा दी है। 

धनबाद-बोकारो मुख्य मार्ग एनएच- 32 से सटे मुनीडीह के नजदीक प्रकृति की गोद में बसा कोयलांचल का भटिंडा फॉल अपने मनोरम दृश्य के लिए विख्यात है। कलकल करता पानी एवं चट्टान रूपी पहाड़ पर्यटकों को अपनी आेर आकर्षित करते हैं। वैसे तो भटिंडा फॉल में सालों भर सैलानी आते रहते हैं, लेकिन पुराने साल की विदाई एवं नये वर्ष के स्वागत के लिए सैलानियों के आने का सिलसिला दिसंबर माह के अंतिम सप्ताह से शुुुुरू हो जाता है। भटिंडा फॉल सिर्फ पिकनिक स्पॉट ही नहीं, बल्कि पर्यटन की दृष्टि से भी उपयोगी है। यहां जनवरी-फरवरी तक पर्यटकों की भीड़ लगी रहती है। 

विशेष अंदाज में गणतंत्र दिवस का इस्तकबालः इस बार गणतंत्र दिवस का इस्तकबाल धनबाद का भटिंडा फॉल विशेष अंदाज में कर रहा है। स्थानीय कमेटी यहां प्राकृतिक रंग के सहारे फॉल की जलधारा को तिरंगे के तीन रंगों में तब्दील कर दिया गया है। इस पहल से यहां कल-कल बहती जल रश्मियां सैलानियों को तिरंगे के तीन रंगों का दीदार करा रही है। दरअसल, फॉल के ऊपरी हिस्से से जलधारा नीचे की ओर बहती है। ऊपर जलधारा की अलल-अलग हिस्से में अलग-अलग केसरिया और हरे रंग डाल दिए जाते हैं। रंग मिश्रित जल जब ऊपर से नीचे की तरफ गिरता है तो जलधारा में तिरंगे का अक्स ऊभरता है। यह देखते ही बन रहा है। 

फॉल के ऊपर है सात खटिया कुआंः हाल के वर्षों में भटिंडा फाल में डूब कर कई लोग एवं छात्र अपनी जान गवां चुके हैं। फाॅल के झरने में फिसलन है। फोटो खिंचवाने की होड़ न लगाएं। फाॅल के ऊपर सात खटिया नामक एक कुआं हैं, जो ३० फीट से ज्यादा गहरा है, जिसका पानी लोगों को घुमाते हुए नीचे ले जाता  है। फॉल स्थित मंदिर के नीचे स्थिर पानी भी डेंजर जोन की श्रेणी में है। यहां भी सावधान रहने की जरूरत है।

 

Posted By: mritunjay

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