जागरण संवाददाता, धनबाद: जिले में इस बार 43 हजार हेक्टेयर भूमि पर धान की फसल लगायी जाएगी। इसके लिए बीचड़ा तैयार हो चुका है, लेकिन बहुत कम बारिश होने के कारण धान रोपनी का कार्य रफ्तार नहीं पकड़ पाया है। महज एक फीसद ही धान रोपनी हो पायी है। जो धान उत्पादन पर असर डाल सकती है। वहीं कृषि विज्ञान केंद्र बलियापुर का मानना है कि अभी किसानों के पास 15 दिनों का वक्त है। जिला कृषि विभाग की मानें तो इस बार धनबाद में धान के साथ-साथ 2720 हेक्टेर में मक्का, 4700 हेक्टेयर में दाल और 2390 हेक्टेयर में तिलहन की फसल लगायी गई है। विभाग की मानें तो अब तक 36,550 हेक्टेयर के लिए बीचड़ा डाला जा चुका है जो तैयार है। वहीं दलहल और तिलहन की बुआई का काम पूरा हो चुका है।

बारिश का इंतजार : बीचड़ा होने के बाद रोपनी के लिए खेतों में पानी की काफी आवश्यकता होती है। बारिश कम होने के कारण खेतों में पानी नहीं है। ऐसे में धान राेपनी को लेकर किसान भारी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डा. आदर्श कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि खेतों में जब तक कीचड़ जैसी स्थिति नहीं रहेगी धान रोपनी नहीं की जा सकती है। बारिश सामान्य से कम है। ऐसे में जिन किसानों के पास अपना साधन है वे तो रोपनी कर रहे हैं, लेकिन अन्य निर्भरता बारिश पर है। आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होती है तो रोपनी कार्य में तेजी आएगी। धान रोपनी करने के लिए अभी 15 दिनों का समय किसानों के पास है।

18 के बाद बारिश की संभावना : मौसम विभाग के अनुसार धनबाद जिले में 18 जुलाई के बाद बारिश की संभावना बन रही है। यह किसानों के लिए अच्छी खबर है। यदि इस तिथि से बारिश होती है तो रोपनी संपन्न हो जाएगी। कृषि विभाग को इस साल भी अच्छी फसल होने की उम्मीद है।

Edited By: Atul Singh