यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 07, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
ED Raid in Dhanbad: आउटसोर्सिंग कंपनियों को फायदा पहुंचाने वाले बीसीसीएल के अधिकारियों में मची खलबली...फंस सकती गर्दन
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग की इतनी बड़ी कार्रवाई से बीसीसीएल एरिया से लेकर कोयला भवन में बैठे अधिकारियों के बीच हड़कंप ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, धनबाद: बीसीसीएल में आउटसोर्सिंग का सिक्का चलाने वाले लाल बाबू सिंह के एटी देवाप्रभा, हिल टाप, संजय उद्योग, नवीन तुलस्यान, जीटीएस ट्रांसपोर्टिंग गुरपाल सिंह सहित कई कंपनियों के यहां भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआइ) (भारत सरकार के फाइनेंस डिपार्टमेंट की कंपटिटिव कमेटी) ने छापेमारी की कार्रवाई शुक्रवार देर रात पूरी कर ली है। इन कंपनियों के यहां से कई संदेह के आधार पर कागजात भी जब्त किए गए हैं। धनबाद के देव प्रभा, धनसार इंजीनियरिंग (डेको), हिल टॉप हाइराइज, जीटीएस ट्रांसपोर्ट, संजय उद्योग, नवीन तुलस्यान समेत कुल नौ कंपनियों के कार्यालयों पर छापेमारी की गई। इसमें कई कंपनियों को भारत कोकिंग कोल लिमिटेड में संयुक्त हिस्सेदारी के तहत कोयला खनन का काम किया जाता है। आउटोसोर्सिंग खनन के लिए निविदा के जरिए ठेका हासिल किया जाता है। सूत्र बताते है कि छापेमारी के दौरान काफी निवेश व निविदा से संबंधित कागजात मिले हैं। इसके अलावा मनी लांड्रिग से संबंधित कागजात भी टीम को हाथ लगी है। वैसे पूरे मामले की जांच होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। कोयला खनन की निविदा हासिल करने में गड़बड़ी की शिकायत लगातार सीबीआई तक पहुंची रही थी। भारत सरकार के पास पहुंची शिकायत के बाद यह कार्रवाई होने की बात कही जा रही है।
कोल अधिकारियों में हड़कंप
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग की इतनी बड़ी कार्रवाई से बीसीसीएल एरिया से लेकर कोयला भवन में बैठे अधिकारियों के बीच हड़कंप मचा हुआ है। बताया जाता है कि बीसीसीएल के कई अधिकारियों ने आउटसोर्सिंग कंपनियों को फायदा पहुंचाने का काम किया है। विजिलेंस जांच भी इसका खुलासा हो चुका है। साठगांठ कर निविदा हासिल कराने वाले अधिकारियों की भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग की कार्रवाई के बाद नींद हराम हो गई है। गंभीरता से जांच हुई तो कई अधिकारियों की गर्दन फंसना तय है। शनिवार को कोयला भवन में दिन भर इस बात की चर्चा जोरो पर रही है कि अगर फाइल खुली तो अधिकारियों को भी जवाब दे नहीं सकेंगे।
