जागरण संवाददाता, धनबाद: शारदीय नवरात्र शुरू हो चुका है। सोमवार को कलश स्थापना के साथ मां दुर्गा पूजा पंडालों में विराजेंगी। मान्‍यता है कि इस बार मां हाथी पर सवार पृथ्‍वी पर आ रही हैं। पूजा की तैयारी अब अंतिम चरण में है। शहर के सभी पूजा पंडालों को अंतिम रूप देने में पूजा समितियां जुटी हैं।

शारदीय नवरात्र में नौ दिनों तक भक्त मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा आराधना करेंगे। नवरात्र के पहले दिन कलश स्थापना के साथ मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप शैलपुत्री की आराधना की जाएगी। नवरात्र में कई लोग पूर्ण रूप से उपवास रखते हैं तो कई लोग फलाहार कर मां की पूजा करते हैं।

मूर्तियों को अंतिम रूप देने में जुटे मूर्तिकार

रविवार को महालया के दिन मूर्तिकारों ने परंपरा के अनुरूप मां दुर्गा की आखें तैयार कीं। इसके बाद मुर्ति को आर्कषक रूप देने में मूर्तिकार जुटे हैं। इस बार शहर की लगभग सभी पूजा समितियां बड़े और भव्‍य प्रतिमा को पंडालों में स्थापित का पूजा के आयोजन पर जोर दे रही हैं, क्‍योंकि कोरोना के संक्रमण की वजह से बीते दो वर्षों में जहां पूजा में भीड़भाड़ पर प्रतिबंध रहा, वहीं पंडालों में भी सरकार की गाइडलाइन के अनुरूप अधिकतम चार फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित कर सादगी के साथ पूजा का आयोजन किया गया।

पंडालों को दिया जा रहा अंतिम रूप, सड़कों पर लगाई जा रही लाइट

इस बार दुर्गा पूजा समितियां अपने-अपने पूजा पंडालों को सुंदर व आकर्षक दिखने के लिए पंडाल निर्माण में कोई कसर नहीं छोड़ना चाह रही हैं। पूजा पंडालों के अंदर दुधिया रोशनी व बाहर चकाचौंध रंग-बिरंगी लाइटें लगाई जा रही हैं। सड़कों की भी सजावट की जा रही है, ताकि रात में मूर्तियों के दर्शन के लिए निकलने वालों को परेशान ना हो।

पूजा को लेकर बाजार में बढ़ी रौनक

दुर्गा पूजा को लेकर शहर का बाजार जगमग हो उठा है। खरीदारों व दुकानदारों का उत्साह चरम पर है। कपड़े व जूतों की दुकानों में भीड़ जुटनी शुरू हो गई है, जिस कारण शहर की सड़कों पर जाम भी खूब लग रहा है। कपड़े व जूतों की तरह-तरह की वेराइटी ग्राहकों के लिए बाजार में उपलब्ध है।

Edited By: Deepak Kumar Pandey

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