जागरण संवाददाता, दुमका। नीति आयोग ने देश में आकांक्षी जिलों के प्रदर्शन की सूची शनिवार को जारी की है। अक्टूबर माह के प्रदर्शन के आधार पर जारी डेल्टा रैंकिंग में झारखंड की उपराजधानी दुमका को स्वास्थ्य, पोषण शिक्षा व कृषि के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन की वजह से पहला स्थान मिला है। विशेषकर स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में बेहतर कार्य के लिए दुमका को अक्टूबर माह के लिए 80.3 का स्कोरिंग किया गया है जबकि सितंबर में दुमका का स्कोरिंग 71.7 आंका गया था। शिक्षा के क्षेत्र में भी दुमका छलांग लगाकर सितंबर के 47.1 स्कोरिंग से 49.7 तक पहुंच गया है। कृषि के क्षेत्र में सितंबर माह में दुमका का स्कोरिंग 6.4 था जो बढ़कर अक्टूबर में 9.8 तक जा पहुंचा है। इन तीनों क्षेत्रों में दुमका का प्रदर्शन पहले पायदान पर रहा है।

ओवरआल दुमका का देश में सबसे अच्छा प्रदर्शन

वित्तीय समावेशन व स्किल डेवलपमेंट में दुमका सितंबर माह में 28.3 के स्कोरिंग से छलांग लगाकर 29.2 तक पहुंचा है। इस क्षेत्र में दुमका को 11 वें पायदान पर रखा गया है। जबकि बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में दुमका की स्कोरिंग अक्टूबर माह में 72.3 आंकी गई है जो सितंबर माह में 69.7 था। इस क्षेत्र में भी दुमका को तीसरे पायदान पर रखा गया है लेकिन ओवरआल प्रदर्शन के मामले में दुमका ने छलांग कर पूरे देश में पहला स्थान हासिल किया है।

झारखंड का लातेहार जिला चौथे पायदान पर

नीति आयोग की रैकिंग में दुमका के साथ झारखंड का लातेहार ( Latehar, Jharkhand) जिला भी चमक रहा है। डेल्टा रैकिंग में चाैथा स्थान हासिल किया है। रैंकिंग में हिमाचल का चंबा ( Chamba, Himachal Pradesh) जिला नंबर दो, आंध्र प्रदेश का विशाखापट्टनम (Visakhapatnam, Andhra Pradesh) नंबर तीन और छत्तीसगढ़ का कोंडागांव ( kondagaon, chhattisgarh) जिला पांचवे नंबर पर है।

डीसी ने बताया टीम वर्क का परिणाम

दुमका के उपायुक्त रविशंकर शुक्ला ने इसे टीम वर्क का नतीजा बताते हुए कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में संस्थागत प्रसव में बढ़ोतरी, एंटीनेटल चेकअप, टीकाकरण और कुपोषण को लेकर लगातार बेहतर काम धरातल पर हो रहा है। कहा कि स्वास्थ्य और पोषण, शिक्षा,कृषि और शौचालयों की उपयोगिता की दिशा में किए गए बेहतर कार्य, वित्तीय समावेशन और कौशल विकास एवं बुनियादी ढांचा के क्षेत्र में लगातार बेहतर कार्य करने की पहल हो रही है। कहा कि इसके अलावा निजी मकानों में चल रहे आंगनबाड़ी केंद्रों को सरकारी भवनों में शिफ्ट करने की पहल भी तेज हुई है। इसी का परिणाम है कि दुमका को नीति आयोग ने मापदंडों में बेहतर प्रदर्शन के आधार पर पहले नंबर पर आंका है। कहा कि जिले में तमाम विभागों के साथ बेहतर तालमेल बनाकर कार्य करने की परिपाटी का नतीजा है जिसे भविष्य में बरकरार रखने की बड़ी चुनौती भी होगी।

क्या है आकांक्षी जिला कार्यक्रम

केंद्र सरकार ने जनवरी 2018 में देश के 115 अति पिछड़ों जिलों को प्रगति के पथ पर अग्रसर करने के उद्देश्य से महत्वाकांक्षी “आकांक्षी जिला कार्यक्रम” की शुरुआत की थी। विकास के मापदंड में पिछड़ चुके इन जिलों को कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, वित्तीय समावेशन और बुनियादी सुविधाओं के स्तर को ऊंचा करना था। कार्यक्रम को शुरू हुए तीन साल हो चुके हैं और इन तीन सालों में सभी जिलों ने प्रगति की है। नीति आयोग तय इंडिकेटर्स जिसमें स्वास्थ्य और पोषण, कृषि और जल संसाधन, वित्तीय समावेशन और कौशल विकास एवं बुनियादी ढांचा के क्षेत्र में प्रतिमाह आकांक्षी जिलों में किए गए कार्य प्रदर्शन के अनुरूप डेल्टा रैंकिग देती है। अक्टूबर महीने की रैंकिग में दुमका ने ओवरआल पहला स्थान हासिल किया है। 

निसंदेह यह बेहतर टीम वर्क का परिणाम है। खासकर स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा व कृषि के क्षेत्र के दुमका में सतत बेहतर प्रयास करने की कोशिश हो रही है। डेल्टा रैंकिंग को अब चुनौती के तौर पर बरकरार रखने की चुनौती भी होगी।

-रविशंकर शुक्ला, उपायुक्त, दुमका

Edited By: Mritunjay