जागरण संवाददाता, धनबाद: धनबाद में बन रही मिलावटी शराब बिहार के लोगों की सेहत को भारी नुकसान पहुंचा रही है। धनबाद से जब्त मिलावटी शराब की जांच रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। नकली शराब से चर्म रोग क्रोनिक किडनी डिजीज व आंखों की बीमारी हो रही है। हाल के दिनों में बिहार के बेतिया, मुजफ्फरपुर सहित कई जिलों में मिलावटी शराब से आंखों की रोशनी जाने के मामले सामने आए हैं।

कैसे हो रहा है नुकसान

जब्त किए गए मिलावटी शराब की जांच में मिथाइल अल्कोहल पाए गए हैं जो की सेहत के लिहाज से काफी खतरनाक है। दरअसल धनबाद उत्पाद विभाग मिलावटी शराब की जांच बिहार उत्पाद रसायन परीक्षण केंद्र में करवाता है। रिपोर्ट के अनुसार कई सैंपल में इथाइल की जगह मिथाइल अल्कोहल पाए गए हैं। जबकि निर्माण के दौरान स्प्रिट में इथेनॉल पाए गए हैं। मिथाइल अल्कोहल जानलेवा होता है। शराब निर्माण के दौरान सही मात्रा पर सब कुछ निर्भर करता है, मात्रा में थोड़ी भी गड़बड़ी इससे घातक बना देती है। अवैध फैक्ट्रियों में बन रहे शराब में कोई भी मापक नहीं अपनाया जाता।

टुंडी- पूर्वी टुंडी में चल रही है दर्जनों फैक्ट्री

धनबाद में अवैध शराब निर्माण की फैक्ट्री सबसे ज्यादा टुंडी व पूर्वी टुंडी में है। बिहार में शराबबंदी के बाद यहां बनने वाली शराब को बिहार में खपाया जा रहा है। मालवाहक से जीटी रोड, टुंडी रोड और साहेबगंज रोड होते हुए गाड़ियां बिहा जाती है।उत्पाद विभाग के द्वारा कई बार नकली शराब की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया गया है।

जीटी रोड पर चलता है स्प्रिट काटने का खेल

यूपी से बंगाल को स्प्रिट लदे टैंकर धनबाद के जीटी रोड होकर गुजरते हैं। लेकिन राजगंज, मैथन और निरसा में इन टैंकर से गैलन में स्प्रिट कटिंग का खेल होता है। जिसमें शराब सिंडिकेट से जुड़े लोग व टैंकर के चालक की मिलीभगत होती है। यह स्प्रीट शराब की अवैध फैक्ट्रियों तक पहुंचता है। हाल ही में पुलिस ने मैथन से ऐसे ही स्प्रिट से भरे एक टैंकर को जब्त किया था।

वर्जन

मिलावटी शराब स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है।मिथाइल अल्कोहल से बनी शराब लीवर, किडनी व आंख में असर करती है।

उमाशंकर सिंह, सहायक उत्पाद आयुक्त

Edited By: Atul Singh