जागरण संवाददाता, धनबाद। सहजन। इसे सुपरफूड भी कह सकते हैं। इसको अंग्रेजी में ड्रम स्टिक कहते हैं। सहजन सब्जी बनाने से लेकर दवाओं के निर्माण तक में इस्तेमाल होता है। भारत के ज्यादातर हिस्से में इसकी बागवानी आसानी से की जा सकती है। एक बार पौधा लगा देने से कई सालों तक आप इससे सहजन प्राप्त कर सकते हैं। इसके पत्ते, छाल और जड़ तक का आयुर्वेद में इस्तेमाल होता है। 90 तरह के मल्टी विटामिन्स, 45 तरह के एंटी ऑक्सीजडेंट गुण और 17 प्रकार के एमिनो एसिड होने के कारण सहजन की मांग हमेशा बनी रहती है। सबसे खास बात है कि इसकी खेती में लागत न के बराबर आती है। झारखंड के साथ ही पड़ोसी राज्य ओडिशा, पश्चिम बंगाल और बिहार में इसकी उपज काफी है।

 

इसके फायदे को विज्ञान ने किया प्रमाणित

सहजन लम्बी फली वाली एक सब्जी का पेड़ है जोकि भारत और दुनिया भर में उगाया जाता है। विज्ञान ने प्रमाणित किया है कि इस पेड़ का हर अंग स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक है। ज्यादातर भारतीय इससे सहजन की सब्जी, सांभर व अन्य भोजन बनाने में करते हैं। सहजन की पत्ती के 100 ग्राम पाउडर में दूध से 17 गुना अधिक कैल्शियम और पालक से 25 गुना अधिक आयरन होता है। इसमें गाजर से 10 गुना अधिक बीटा-कैरोटीन होता है, जोकि आँखों, स्किन और रोगप्रतिरोधक तंत्र के लिए बहुत लाभदायक है। सहजन में केले से 3 गुना अधिक पोटैशियम और संतरे से 7 गुना अधिक विटामिन C होता है।

इस समस्या में तो फायदे ही फायदे

आज के बदलते लाइफस्टाइल के कारण इंफर्टिलिटी की समस्या बहुत देखने को मिल रही है। पुरुष हो या महिला इंफर्टिलिटी के कारण पेरेंट्स बनने का सपना अधूरा रह जाता है। इस समस्या में सहजन बहुत फायदेमंद है। ड्रमस्ट्रिक यानी सहजन सब्जी इंफर्टिलिटी की समस्या को दूर करने में मदद कर सकती है। मोरिंगा पोषक तत्वों से भरपूर होता है। ड्रमस्टिक एक सुपरफूड के रूप में उपयोग किया जाता है जो पुरानी बीमारियों को दूर कर सकता है। इसमें प्रचुर मात्रा में एंटीऑक्सिडेंट होते हैं। इसमें कई तरह के पोषक तत्व होते हैं। जैसे- कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, प्रोटीन, विटामिन, फोलेट, कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम, फास्फोरस, पोटेशियम, सोडियम और जिंक।

 

इसमें भरपूर मात्रा में जिंक

ड्रमस्टिक में भरपूर मात्रा में जिंक होता है जो कि महिलाओं की इंफर्टिलिटी की समस्या को दूर करने में मदद कर सकता है। वहीं ड्रमस्टिक में मौजूद टेरिगोस्पर्मिन नामक यौगिक के कारण होती है जो शुक्राणुओं की संख्या (Sperm Count) बढ़ाने और उन्हें गतिशीलता बनाने में मदद करता है। अमेरिकन जर्नल ऑफ न्यूरोसाइंस में प्रकाशित एक शोध में पाया गया है ड्रमस्टिक कामेच्छा बढ़ाकर और परफॉर्मेंस में सुधार करने में मदद करता।  इसके अलावा ये टेस्टोस्टेरोन के स्तर में सुधार करने, मर्दानगी बढ़ाने में भी मदद करता है। इतना ही नहीं, ड्रमस्टिक को 'इंडियन वियाग्रा' के रूप में भी जाना जाता है। ये इरेक्टाइल डिसफंक्शन और इंफर्टिलिटी जैसी समस्याओं को हल करने के लिए बेहद प्रभावी है।

Edited By: Mritunjay