निरसा में मजदूरों के शोषण पर BJP MP ढुल्लू महतो ने लाल झंडे पर किया प्रहार, अशोक मंडल UCWU में शामिल
Dhanbad Politics धनबाद के निरसा में सांसद ढुल्लू महतो ने मजदूरों के शोषण पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने अशोक ...और पढ़ें

निरसा में एटक की सभा में सांसद ढुलू महतो और अशोक मंडल। (फोटो जागरण)
संस, जागरण, निरसा (धनबाद)। निरसा की पहचान एक औद्योगिक नगरी के रूप में थी। इसे मिटाने वाले तथा यहां के लोगों से रोजी-रोजगार छीनकर उन्हें पलायन के लिए मजबूर करने वालों की हकीकत अब जनता के सामने आ गई है। मजदूर आंदोलन के नाम पर मजदूरों के हक और अधिकार छीनकर सिर्फ अपनी तिजोरी भरने वालों की दुकानदारी अब बंद होगी।
उक्त बातें रविवार को धनबाद सांसद सह यूनाइटेड कोल वर्कर्स यूनियन के केंद्रीय महासचिव ढुल्लू महतो ने निरसा के पंजाबी मिलन केंद्र में आयोजित यूसीडब्ल्यूयू के मिलन समारोह को संबोधित करते हुए कहीं। इस समारोह में एमपीएल विस्थापित एवं स्थानीय समिति के अध्यक्ष तथा जेएलकेएम नेता अशोक मंडल को यूनाइटेड कोल वर्कर्स यूनियन में शामिल कराया गया।
उन्होंने कहा कि निरसा विधानसभा में सबसे अधिक लाल झंडा के नुमाइंदों ने प्रतिनिधित्व किया है। परंतु दुर्भाग्य की बात है कि सबसे ज्यादा मजदूरों का शोषण भी इसी क्षेत्र में हुआ है। अशोक मंडल के नेतृत्व में यहां के मजदूर, किसान और नौजवान मुखर होकर इसका विरोध करेंगे। कुछ लोगों को केवल कोयलांचल में लूट की छूट चाहिए।
ढुल्लू महतो हमेशा से माफिया तत्वों का विरोध करते रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि वे अपने संघर्ष के बल पर विधायक और सांसद बने हैं। अशोक मंडल का यूसीडब्ल्यूयू में शामिल होना न केवल संगठन को मजबूती देगा, बल्कि क्षेत्र में मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई को नई ऊर्जा भी प्रदान करेगा।
जब टाटा सिंगूर से वापस जा रहा था, तब निरसा में एमपीएल लग रहा था
सांसद ने कहा कि जब पश्चिम बंगाल के सिंगूर से टाटा की कंपनी वापस लौट रही थी, उसी समय निरसा में अशोक मंडल के नेतृत्व में एमपीएल का पावर प्लांट स्थापित हो रहा था। यह हिंदुस्तान के इतिहास में एक अनूठी घटना है कि एमपीएल प्लांट के दौरान जिन लोगों की एक डिसमिल जमीन का भी अधिग्रहण हुआ, उनके परिवार के सदस्यों को नौकरी दिलाने का कार्य किया गया।
अशोक मंडल की संघर्षशीलता और स्पष्टवादिता के सभी कायल हैं। 40 वर्षों के राजनीतिक करियर में अशोक मंडल बेदाग रहे हैं।
मजदूरों की राजनीति कर विधायक बने, उनका हक नहीं दिला सके
मिलन समारोह को संबोधित करते हुए अशोक मंडल ने कहा कि अरूप चटर्जी और उनके पिता मजदूर आंदोलन के बल पर लगभग 30 वर्षों तक निरसा के विधायक रहे। परंतु दुर्भाग्य से वे यहां के कारखानों में कार्यरत मजदूरों को आज तक न्यूनतम मजदूरी भी नहीं दिला सके।
चुनाव आते ही विधायक निरसा के मजदूरों और नौजवानों को दिग्भ्रमित करने के लिए उद्योग-धंधे चालू करवाने का दावा करते हैं, लेकिन चुनाव जीतते ही सभी वादे भूल जाते हैं। खनिज संपदा की चोरी रोकने के नाम पर नाकेबंदी का केवल दिखावा किया जाता है।
कार्यक्रम की शुरुआत में अशोक मंडल ने सांसद ढुल्लू महतो को अंगवस्त्र और पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। वहीं सांसद ने अशोक मंडल को माला पहनाकर और अंगवस्त्र देकर यूनियन की सदस्यता दिलाई। इससे पूर्व अशोक मंडल के नेतृत्व में खुशरी मोड़ से सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने मोटरसाइकिल जुलूस निकाला, जो निरसा के विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण करते हुए पंजाबी मिलन केंद्र पहुंचा।
मिलन समारोह को संतलाल प्रमाणिक, मधु गुरु, संजय पालित, मन्नू तिवारी, मधुरेंद्र गोस्वामी, बंपी चक्रवर्ती, नागू गोपाल चक्रवर्ती, ठाकुर मांझी, भोला शर्मा, फारूक अंसारी, जितेन तिवारी, राजू झा, प्रशांत बनर्जी और गोपाल राय ने भी संबोधित किया। समारोह की अध्यक्षता यूएन पाठक ने की, जबकि संचालन वीरेंद्र अटल ने किया।
