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धनबाद–सिंदरी रेलखंड पर बड़ा हादसा टला, यात्री ट्रेन का इंजन बेपटरी, मचा हड़कंप

By Barmeshwar Kumar Sharma Edited By: Mritunjay Pathak
Published: Sun, 18 Jan 2026 10:46 PM (IST)

Dhanbad Rail Accident: धनबाद रेल मंडल क्षेत्र में रविवार को धनबाद-सिंदरी सवारी गाड़ी का इंजन बेपटरी हो गया। सिंदरी मार्सलिंग ...और पढ़ें

पटरी से उतरा धनबाद-सिंदरी सवारी गाड़ी का इंजन। (फोटो जागरण)

पटरी से उतरा धनबाद-सिंदरी सवारी गाड़ी का इंजन। (फोटो जागरण)

HighLights

  1. सिंदरी मार्सलिंग यार्ड के पास इंजन बेपटरी हुआ।

  2. धीमी गति के कारण कोई जानमाल का नुकसान नहीं।

  3. धनबाद रेल मंडल प्रबंधन ने दिए घटना की जांच के आदेश।

जागरण संवाददाता, सिंदरी (धनबाद)। Jharkhand Rail Accident: पूर्व मध्य रेलवे (ECR) के धनबाद रेल मंडल क्षेत्र में रविवार दोपहर एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया। धनबाद–सिंदरी सवारी गाड़ी सिंदरी मार्सलिंग यार्ड से खुलकर जैसे ही आगे बढ़ी, महज 300 मीटर चलने के बाद उसका इंजन अचानक पटरी से उतर गया।

घटना के समय ट्रेन की रफ्तार करीब 10 किलोमीटर प्रति घंटा थी, जिससे एक बड़ी अनहोनी टल गई। इंजन के बेपटरी होते ही सतर्क चालक ने तुरंत इंजन बंद कर दिया। धीमी गति होने के कारण किसी तरह की जान-माल की क्षति नहीं हुई, लेकिन ट्रेन में सवार सैकड़ों यात्रियों की सांसें थम गईं।

घटना की सूचना मिलते ही रेलवे महकमे में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में धनबाद रेल मंडल के वरीय अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई। सूचना पर टीआरडी की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के बाद एक्सिडेंट रिलीफ टीम को बुलाया गया। टीम ने जैक लगाकर बेपटरी हुए इंजन के पहियों को दोबारा रेल पटरी पर लाने की प्रक्रिया शुरू की। 

सिंदरी स्टेशन मास्टर राजकुमार सिंह ने बताया कि हादसे के कारण सिंदरी से धनबाद जाने वाली दूसरी खेप की सवारी गाड़ी को रद्द कर दिया गया। हालांकि, मरम्मत और आवश्यक कार्रवाई पूरी होने के बाद रात की तीसरी खेप में सिंदरी–धनबाद सवारी गाड़ी को रवाना किया गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मार्सलिंग यार्ड में पहले से ही मरम्मत और रखरखाव का काम चल रहा था। आशंका जताई जा रही है कि इसी कारण इंजन के अगले पहिए पटरी से उतर गए। बाद में रेलकर्मियों ने काफी मशक्कत कर इंजन को हटाया। उस इंजन से ट्रेन को आगे नहीं चलाया गया, बल्कि दूसरा इंजन जोड़कर ट्रेन को सिंदरी टाउन पहुंचाया गया और फिर धनबाद के लिए रवाना किया गया।

रेलवे प्रशासन ने इस गंभीर घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं। जांच पूरी होने के बाद ही हादसे के असली कारणों का खुलासा हो पाएगा। फिलहाल, बड़ा सवाल यह है कि यदि ट्रेन की गति तेज होती तो क्या होता?