संवाद सहयोगी, लोयाबाद: लम्बे से बिजली और पानी संकट से जूझ रहे बांसजोडा 12 नंबर व आसपास के ग्रामीणों का बुधवार को आक्रोश फुट पड़ा। बांसजोडा कोलियरी के व्यू प्वाइंट के पास ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया। डेको आउटसोर्सिंग कंपनी का कोयले का उत्पादन और परिवहन कार्य बाधित कर दिया। इन श्रमिक कालोनियों में तीन सालों से पिट वाटर व 16 दिनों से विद्युत आपूर्ति ठप है।

नव पदस्थापित पीओ एके झा और ग्रामीणों का प्रतिनिधित्व कर रहे कांग्रेस नेता मो.असलम मंसूरी, राजकुमार महतो, बिनोद विश्वकर्मा, तथा डा. रफीक अंसारी के साथ वार्ता हुई। पीओ ने एक सप्ताह के अंदर बिजली बहाल करने और पिट वाटर की समस्या से निजात दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों का आंदोलन समाप्त हो गया। दिन के करीब 11 बजे कांग्रेसी नेताओं की अगुवाई में आक्रोशित ग्रामीण व्यू प्वाइंट पर पहुंचे।

अपनी मांगों की समर्थन में और प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मो. असलम मंसूरी व राजकुमार महतो ने वार्ता के दौरान पीओ को चेताया कि यदि एक सप्ताह के अंदर इन श्रमिक कालोनियों में बिजली बहाल नही हुई तो इस परियोजना को अनिश्चित काल के लिए बंद कर दिया जाएगा। इससे जो औद्योगिक रिश्ते बिगड़ेगा उसका जिम्मेदार प्रबंधन होगा। ग्रामीणों ने बताया कि 16 दिनों से यहां के लोग अंधेरे में है। 13 मई को यहां का एक हजार केवीए का ट्रांसफार्मर जल गया था।

प्रबंधन द्वारा ट्रांसफार्मर को मरम्मत कराने के लिए भेज दिया गया। ग्रामीणों के दबाव पर प्रबंधन द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था करते हुए 20 मई को 750 केवीए ट्रांसफार्मर लगाया गया। लेकिन एक महीने बाद 20 जून को अपराधियों ने उक्त ट्रांसफार्मर के क्वायल की चोरी कर लिया। लोग फिर अंधेरे में आ गए। पुरानी ट्रांसफार्मर की मरम्मत हो चुकी है तेल के अभाव के कारण नहीं लगाया गया है। आंदोलन में रामेश्वर तुरी, रफीक अंसारी, बैजनाथ सिंह, मनोज सिंह, प्रमोद साव, नयाब शेख, शंकरचंद बाउरी, शिबलू खान, गौतम कुमार, अंकी सिंह,राहुल पांडेय,मोहन बाउरी,रवि विश्वकर्मा, मिठू बाउरी, बिनोद सिंह, सुनील विश्वकर्मा सहित सैकड़ों ग्रामीण शामिल थे

Edited By: Atul Singh