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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 11, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Dhanbad: छठे माले से कूद कर 20 साल की छात्रा ने दी जान... रहती थी मामा के घर में

By Atul SinghEdited By:
Published: Sun, 11 Sep 2022 11:15 AM (IST)

शनिवार को घर में उसकी पढ़ाई को लेकर कुछ बहस भी हुई थी। इसके बाद से वह तनाव में थी। ...और पढ़ें

शनिवार को घर में उसकी पढ़ाई को लेकर कुछ बहस भी हुई थी।
शनिवार को घर में उसकी पढ़ाई को लेकर कुछ बहस भी हुई थी।

जागरण संवाददाता, धनबाद : झाड़ूडीह की देव बिहार कालोनी स्थित आर्या इंक्लेव अपार्टमेंट के छठे माले से शनिवार की शाम करीब छह बजे 20 साल की छात्रा मोनिका कुमारी कूद गई। गंभीर रूप से जख्मी मोनिका को तत्काल आसपास के लोग व घर वाले जालान अस्पताल ले गए। जहां उसकी गंभीर हालत देख एसएनएमएमसीएच भेज दिया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के पूर्व वह किसी से मोबाइल फोन पर बात कर रही थी। पुलिस इस बिंदु पर छानबीन की रही है कि कहीं उसे किसी ने आत्महत्या के लिए उकसाया तो नहीं।

स्थानीय लोगों ने बताया कि मोनिका यहां अपने मामा सुजीत कुमार के घर में रह रही थी। वह एसएससी की तैयारी कर रही थी। उसके मामा जीएसटी अधिकारी हैं। शनिवार को घर में उसकी पढ़ाई को लेकर कुछ बहस भी हुई थी। इसके बाद से वह तनाव में थी। शाम को उसने घर की बालकनी से छलांग लगा दी। देर रात शव का पोस्टमार्टम किया गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि सर पर गंभीर चोट लगने से उसकी जान चली गई। धनबाद थाना में यूडी केस किया गया है।

मां-बेटे ने दी थी जान, आटो चालक पेड़ पर लटका

धनबाद में इस महीने आत्महत्या की कई वारदातें हुईं। एक सितंबर को रानीबांध से आइएसएम गेट को जाने वाले मार्ग पर पेड़ से लटककर आटो चालक मुकेश पंडित ने जान दे दी। वह आर्थिक तंगी से परेशान था। वहीं झरिया में शुक्रवार को आर्थिक तंगी से दुखी तारापदो नंदी ने फांसी लगा ली। इस घटना से दुखी उसकी मां छवि नंदी ने भी कुएं में कूदकर जान दे दी।

जिंदगी अनमोल तो आत्महत्या क्यों 

जिंदगी अनमोल है और आत्महत्या कायरता। हमें मानव जीवन मिला है तो उसे पूरी शिद्दत से जीना चाहिए। हमें अपने कर्म से समाज व देश के विकास में योगदान देना चाहिए। ऐसी कोई भी समस्या नहीं है जिसका समाधान नहीं हो। यदि कोई परेशानी है तो घरवालों से बात करें। घरवाले भी ध्यान रखें, यदि परिवार का कोई सदस्य अवसाद में है तो उसकी समस्या जानें। उसका समाधान करें।