जागरण संवाददाता, धनबाद : राशि लैप्स हो जाने के मामले में जिले के 369 प्रभारी प्रधानाध्यापक, प्रधान शिक्षकों को दूसरी बार शोकाज करने के बाद शिक्षक संघों ने अब जिला शिक्षा अधीक्षक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष संजय कुमार और महासचिव नंद किशोर सिंह ने कहा कि प्रखंड संसाधन केंद्र समन्वयक व लेखापाल को बचाने के लिए शिक्षकों के माथे ठीकरा फोड़ रहे हैं।

अप्रैल में कारण पृच्छा का आधार पोशाक की राशि निकासी न होने का आधार एवं अभी 369 विद्यालय प्रधान को कारण पृच्छा का आधार विद्यालय का कंपोजिट ग्रांट व अन्य मद की राशि निकासी न होने का आधार बनाया गया है। इस तरह यदि विद्यालय प्रधान को प्रताड़ित किया गया तो वह दिन दूर नहीं जब सभी प्रभारी सामूहिक रूप से प्रभार से मुक्ति निर्णय लेने को बाध्य होंगे। उन्होंने डीएसई पर आरोप लगाते हुए कहा कि केवल यही नहीं शिक्षकों के प्रोन्न्ति मामले में भी कन्नी काट रहे है।

वह बार-बार न्यायालय का हवाला दे रहे हैं। नंद किशोर सिंह ने कहा कि जिला शिक्षा अधीक्षक इस आदेश में सिर्फ प्रधानाध्यापक बनाने में स्टेटस क्यूयूओ है। ग्रेड तीन और चार पद में भूतलक्षी प्रोन्नति देते में कोई रोक नहीं है। विदित हो कि ग्रेड चार स्नातक प्रशिक्षित पद पर 421 अहर्ताधारी शिक्षकों को पदोन्नति मिलेगी तो प्रभार पर कार्य कर रहे कई प्रभारियों को मुक्ति मिल जाएगी। संगठन लगातार प्रोन्नति की मांग करते आया है। जिससे सेवानिवृत्त शिक्षकों को पेंशन में आर्थिक लाभ होता और 237 विद्यालयों को नया प्रभारी प्रधानाध्यापक भी मिल जाता। जबकि झारखंड सरकार ने तीन जून 2022 को सभी तरह के प्रोन्नति पर से रोक हटा दिया है। उन्होंने कहा कि लगातार डीएसई शिक्षक और विद्यालय प्रधान को परेशान कर रहे हैं जो शैक्षिणक लिहाज से ठीक नहीं है।

Edited By: Atul Singh