धनबाद, जेएनएन : ज्यादा उत्साह भी कभी-कभी हानिकारक हो जाता है।  भारतीय जनता युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं के साथ कुछ ऐसा ही हुआ। स्वामी विवेकानंद की जयंती 12 जनवरी को युवा दिवस के रूप में देश भर में मनाया जाता है।

इसे आदर्श मानते हुए भारतीय जनता युवा मोर्चा ने देशभर में रक्तदान शिविर लगाने का निर्णय लिया। धनबाद के कार्यकर्ताओं ने सहर्ष भाग लेकर इसे सफल बनाया। लगभग 22 यूनिट रक्तदान किया। इससे कार्यकर्ता प्रफुल्लित थे कि राजनीतिक पार्टी होते हुए भी उन्होंने बड़ा सामाजिक कार्य किया। उन्होंने इसका खूब प्रचार-प्रसार भी किया। इंटरनेट मीडिया पर भी खूब डंका पीटा।

अब मात्र 10 ही दिनों बाद चेहरे पर हवाई या उड़ रही है। हुआ यह कि केद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल चुनाव को देखते हुए नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती कुछ ज्यादा ही धूमधाम से मना दी। इसे राष्ट्रीय पराक्रम दिवस घोषित कर दिया गया। युवा मोर्चा के केंद्रीय पदाधिकारी फिर जोश में आ गए और उन्होंने मात्र 11 दिन बाद ही फिर से सभी कार्यकर्ताओं को रक्तदान करने को कह दिया।

अब रक्तदान ऐसा कि हर कोई कभी भी देने को हमेशा तैयार रहे। पार्टी के समर्पित कैडर ही ऐसा करते रहे हैं। और ऐसे लोग हर संगठन में कम होते हैं। भारतीय जनता युवा मोर्चा में भी यही स्थिति है। अब वे सोच रहे कि नए लोग कहां से लाएं कि रक्तदान करें।

वह भी एक-दो करना ठीक नहीं। कम से कम 2 अंकों  की संख्या तो जरूर ही रहनी चाहिए। ताकि इज्जत बचे। अब राजनीति करना है  तो इतना तो  बर्दाश्त करना ही होगा। मरता क्या नहीं करता। अनमने ढ़ंग से सही पर तैयारी में लग गए। लेकिन जुबान है कि चुगली कर ही देती है।

सो विवेकानंद जयंती पर जहां वे प्रफुल्लित हो जानकारी दे रहे थे कि हम लोग रक्तदान शिविर का आयोजन करने जा रहे हैं। वही वे अब कह रहे भैया देखिए ना केंद्र से निर्देश आ गया है। फिर रक्तदान शिविर लगाना होगा। आज तो बस माल्यार्पण करेंगे लेकिन जल्द ही एक दिन रक्तदान भी करना होगा।

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