धनबाद, जेएनएन। झारखंड प्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्ष धनबाद के सांसद पीएन सिंह ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर झारखंड में अराजकता पैदा करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री ने झारखंड से कोयला बाहर जाने से रोकने की चेतावनी केंद्र सरकार को दी है। इससे केंद्र और झारखंड में टकराव बढ़ेगा। झारखंड और झारखंड की जनता का नुकसान होगा।

कोरोना काल में कोयले का डिस्पैच न्यूनतम स्तर पर

साहिबगंज और दुमका में आदिवासी छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या की घटना के विरोध में रविवार को धनबाद जिला भाजपा की तरफ से रणधीर वर्मा चाैक पर धरना दिया गया। इसका नेतृत्व भाजपा सांसद पीएन सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि झारखंड की विधि-व्यवस्था हेमंत सरकार के नियंत्रण से बाहर हो गई है। संताल क्षेत्र में आए दिन आदिवासी बेटियों के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटनाएं घट रही हैं। इन घटनाओं से जनता का ध्यान हटाने के लिए मुख्यमंत्री अनाप-शनाप केंद्र सरकार और भाजपा के खिलाफ बयान दे रहे हैं। सांसद ने कहा कि कोयला का उत्पादन और डिस्पैच कोरोना संकट के कारण पहले ही न्यूनतम स्तर पर है। इससे हजारों लोग बेरोजगार हो गए हैं। यदि कोयले की आपूर्ति ठप की गई तो बाहर के पावर प्लांट बाद में बंद होंगे, राज्य में बेरोजगारी के कारण अराजकता पहले पैदा हो जाएगी। सरकार यही साजिश रच रही है। उन्होंने कहा कि डीएमएफटी फंड खनन क्षेत्र के विकास के लिए खनिजों के उत्पादन पर लगे सेस के जरिए प्राप्त होता है। धनबाद में हजारों करोड़ की राशि पड़ी हुई है। राज्य सरकार ने इसके उपयोग पर भी रोक लगा रखी है। इससे साफ जाहिर होता है कि सरकार विकास विरोधी है। राज्य सरकार की योजनाएं तो पहले ही ठप पड़ी हुई है। उनमें अगर फंड का अभाव होगी तो डीएमएफटी से विकास करने में तो कोई बाधा नहीं। इन्हें रोकने का क्या औचित्य है।

विधि-व्यवस्था चाैपट, अब तक हेमंत सरकार में 1200 से अधिक दुष्कर्म की घटनाएं

हेमंत सरकार के समय में विधि-व्यवस्था चौपट हो चुकी है। बेरोजगारी की वजह से चोरी, छिनैती, डकैती, राहजनी चरम पर है। विशेषकर महिलाओं के साथ अभद्रता व दुष्कर्म पूरे देश में सर्वाधिक हेमंत सोरेन के कार्यकाल में झारखंड में हो रहा है। हेमंत के कार्यकाल में ही 1200 से अधिक युवतियों व महिलाओं की आबरू लूटी जा चुकी है। उनकी हत्या की जा चुकी है। बावजूद सरकार अपनी मस्ती में झूम रही है। ऐसी सरकार को पद पर बने रहने का कोई औचित्य नहीं। धरना की अध्यक्षता महानगर अध्यक्ष चंद्रशेखर सिंह ने की। धरना में हरिप्रकाश लाटा, संजय झा, अमरेश सिंह, रणविजय सिंह, तमाल राय, शशि प्रकाश सिंह, देवाशीष पाल,  प्रियंका पाल, रमा सिन्हा, बॉबी पांडे, रीता प्रसाद आदि थे।

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