गोविन्द नाथ शर्मा, झरिया: काले हीरे की नगरी झरिया कोयरीबांध निवासी अशोक कुमार की पुत्री निशा कुमारी ने बिहार लोक सेवा आयोग की परीक्षा में 1149 वां रैंक लाकर झरिया के साथ परिवार का नाम रोशन किया है।

निशा बिहार की प्रखंड विकास पदाधिकारी बनी है। निशा के झरिया पहुंचने पर लोगों ने तिरंगा जुलूस और गाजे-बाजे के साथ उनका भव्य स्वागत किया।

अपने शहर में स्वागत से निशा भाव विभोर हो गई। साधारण परिवार की निशा की खासियत यह रही कि उन्होंने रेलवे में लोको पायलट का कार्य करते हुए बीपीएससी की परीक्षा दी और इसमें सफलता पाई। निशा ने अपनी पढ़ाई की शुरुआत बेबी लैंड स्कूल झरिया से प्रारंभ कर दसवीं तक की पढ़ाई झरिया के गुजराती हिंदी हाई स्कूल से की। डिप्लोमा जमशेदपुर से की। निशा का कहना है कि आगे मेरी इच्छा यूपीएससी की परीक्षा पास कर आइएएस बनकर देश के लोगों की सेवा करना है। निशा ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी मेहनत के अलावा माता-पिता, नाना-नानी, मामा रतन रजक, संतोष रजक, पप्पू रजक, भाई आकाश, स्वजनों और शिक्षकों को दिया है। निशा की सफलता से पूरा परिवार गदगद है।

निशा ने बढ़ाया झरिया का मान : पूर्णिमा

निशा की सफलता पर झरिया की विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह, विधायक प्रतिनिधि सूरज सिंह, भाजपा नेत्री रागिनी सिंह, भाजपा के नगर अध्यक्ष अरुण साहू, पूर्व पार्षद अनूप कुमार साव के अलावा विक्रमा सिंह यादव, अशोक वर्णवाल, महेश शर्मा, रंजन साहू, झुन्नू गुप्ता आदि ने उनके घर जाकर पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित कर बधाई दी। विधायक पूर्णिमा ने कहा कि निशा ने झरिया का मान बढ़ाया है। इसके पहले भी झरिया के कई युवाओं ने यूपीएससी बीपीएससी व अन्य परीक्षाओं में परचम लहराकर झरिया का नाम रोशन किया है।

कार्य के दौरान भी निशा बैग में रखती थी हमेशा किताब

बीपीएससी की परीक्षा में परचम लहराने वाली निशा ने कहा कि रेलवे में लोको पायलट की नौकरी करते हुए बीपीएससी की तैयारी की। लोको पायलट रहते हुए कार्य के दौरान भी बैग में हमेशा किताब रखती थी। जब समय मिलता था। उसे पढ़ाई में बिताती थी। इसका नतीजा यह हुआ कि बीपीएससी की परीक्षा में 1149 वां रैंक लाई।

Edited By: Atul Singh