जासं, धनबाद: धनबाद के हार्डकोक इंडस्ट्रीज के कोयले को बंगाल में एंट्री नहीं दी जा रही है। इसको लेकर इंडस्ट्रीज एंड कामर्स एसोसिएशन ने बंगाल के सीएम ममता बैनर्जी को पत्र लिख कर जल्द इस मामले में कार्रवाई करने की मांग की है। एसोसिएशन ने इसका आरोप बंगाल पुलिस पर लगाया है। बंगाल पुलिस बार्डर पर ही यहां से जा रहे कोयले को रोक दे रही है। पत्र में लिखा गया है कि वह लोग 1933 से ही झारखंड में हार्डकोक इंडस्ट्रीज चला रहे है। सरकार को वह लोग हमेशा से टैक्स देते आ रहे है मगर बंगाल पुलिस उन्हें बेवजह परेशान कर रही है।

 बंगाल पुलिस को द‍िखाने होंगे ये कागजाता: इंडस्ट्रीज एंड कामर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष बीएन सिंह ने बताया कि बंगाल पुलिस उन से 14 तरह के कागजात मांग रही है जिसका अधिकार बंगाल पुलिस को नहीं है। इसमें वह लोग राज्य सरकार के कारखाना निरिक्षक द्वारा जारी कारखाने का लाइसेंस, झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी कागजात, जीएसटी पेपर की मांग, एमएसएमई द्वारा जारी प्रमाण पत्र, एक वर्ष के लिए बीसीसीएल, सीसीएल व इसीएल के साथ बुक किए कोयला के डीओ, पिछले एक वर्ष का बिजली बिल भुगतना का विवरण, कंपनी, प्रोपराइटर व डायरेक्टर का पैन कार्ड, पिछले तीन वर्षों का आयकर विवरण, पिछले एक वर्ष का कंपनी के बैंक खाता का विवरण, इंडस्ट्रीज के कर्मचारियों का एक वर्ष का पीएफ विवरण, पिछले एक वर्ष का जीएसटी रिटर्न, संचार के लिए अधिकृत ई- मेल आइडी, किसी भी तत्काल जानकारी लेने के लिए संपर्क व्यक्ति का मोबाइल नंबर

क्या कहते है अध्यक्ष: इंडस्ट्रीज एंड कामर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष बीएन सिंह का कहना है कि बंगाल पुलिस गलत ढंग से काम कर रही है। दूसरे राज्य में कोयला जाने के दौरान पुलिस को सिर्फ जो माल है उसी कागजात पूरे है कि नहीं इसी की जांच करने का आदेश है।

पाकिस्तान नहीं है बंगाल: इंडस्ट्रीज एंड कामर्स एसोसिएशन के सदस्य अमितेश सहाय ने इस मामले में कहा है कि उनके साथ इस तरह से बर्ताव किया जा रहा है जैसे वह बंगाल नहीं बल्कि पाकिस्तान कोयला भेज रहे है। कहा कि उन्हें बंगाल सरकार के ओर से आश्वासन मिला है मगर पुलिस अभी भी उन्हें परेशान कर रही है।

Edited By: Atul Singh