1 घंटे तक खड़े रहकर धनबाद डीसी ने सुनीं शिकायतें, बुजुर्ग को दो माह बाद दिलाया राशन
Dhanbad DC Janta Darbar: उपायुक्त आदित्य रंजन ने जनता दरबार में एक घंटे खड़े रहकर लोगों की शिकायतें सुनीं और त्वरित समाधान के निर्देश दिए।

अपने दफ्तर में खड़े होकर जनता की समस्याओं को सुनते धनबाद के डीसी आदित्य रंजन। (फोटो जागरण)
HighLights
उपायुक्त आदित्य रंजन ने जनता दरबार आयोजित किया।
बुजुर्ग बहादुर राय को दो माह बाद राशन मिला।
डीसी ने जन समस्याओं पर त्वरित समाधान के निर्देश दिए।
जागरण संवाददाता, धनबाद। समाहरणालय में आयोजित जनता दरबार में लोकतंत्र की एक ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसमें जिले के सबसे बड़े अधिकारी जनता के सामने खड़े नजर आए। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन करीब एक घंटे तक खड़े रहे।
उन्होंने लोकतंत्र की असली मालिक जनता की शिकायतें सुनीं, उनकी समस्याओं को समझा और उनके निराकरण की पहल की। इस दौरान जिले के सर्वोच्च प्रशासनिक अधिकारी ने लोगों को कुर्सियों पर बैठाकर उनका दुख-दर्द सुना।
उनके आवेदन देखे, समस्याओं की गंभीरता समझी और संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। जनता दरबार में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग अपनी फरियाद लेकर पहुंचे थे।
किसी को अबुआ आवास और प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ चाहिए था, तो कोई जमीन विवाद, जान से मारने की धमकी, पेंशन, होमगार्ड चयन, प्रमाण पत्र निर्गत करने और मुआवजा भुगतान जैसी समस्याओं से परेशान था।
राशन कार्ड, विद्यालय में नामांकन, विधवा एवं वृद्धा पेंशन तथा तालाब और शौचालय निर्माण से जुड़े मामले भी उपायुक्त के समक्ष रखे गए।
दो महीने से राशन नहीं मिलने की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई
जनता दरबार में धनबाद के बीएमपी कुष्ठ कॉलोनी निवासी बुजुर्ग बहादुर राय की शिकायत ने प्रशासन का ध्यान खींचा। अत्यंत निर्धन और विभिन्न बीमारियों से ग्रसित बहादुर राय ने बताया कि उन्हें पिछले दो महीनों से राशन नहीं मिल रहा है।
राशन डीलर फिंगरप्रिंट का मिलान नहीं होने का हवाला देकर उन्हें अनाज देने में असमर्थता जता रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त आदित्य रंजन ने जिला आपूर्ति पदाधिकारी को तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया।
इसके बाद आपूर्ति विभाग ने तकनीकी समस्या के समाधान की पहल की और बुजुर्ग को राशन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी की। लंबे समय से अपने हक के राशन के लिए परेशान बहादुर राय को राहत मिली। उन्होंने इसके लिए जिला प्रशासन के प्रति आभार जताया।
पात्र लोगों को उनके अधिकार दिलाना प्राथमिकता
जनता दरबार में कई अन्य शिकायतों का भी मौके पर निष्पादन किया गया। वहीं, जिन मामलों में तत्काल समाधान संभव नहीं था, उनके लिए संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने सभी लंबित आवेदनों का यथाशीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े मामलों, विशेषकर बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और असहाय लोगों की समस्याओं का समाधान जिला प्रशासन की प्राथमिकता है।
अधिकारियों को शिकायतों पर संवेदनशीलता और गंभीरता से कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया, ताकि पात्र लाभुक अपने अधिकारों से वंचित न रहें और आम नागरिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
जनता दरबार में एक घंटे तक खड़े रहकर शिकायतें सुनने की यह पहल प्रशासन की जवाबदेही और जनता के प्रति संवेदनशीलता का संदेश देती नजर आई।
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