धनबाद, जेएनएन। पुलिस हिरासत से रामधीर सिंह को छुड़ा लिए जाने के मामले में मंगलवार को अदालत ने रामधीर सिंह के पुत्र शशि सिंह के विरूद्ध कुर्की का इश्तेहार जारी  करने का आदेश दिया। सीबीआइ के वरीय अभियोजक कपिल मुंडा ने अदालत में आवेदन दायर कर शशि के विरूद्ध कुर्की का इश्तेहार जारी करने की प्रार्थना की थी। इसके पूूर्व अदालत ने 18 दिसंबर 2018 को शशि के विरूद्ध  गिरफ्तारी का वारंट जारी करने का आदेश दिया था।

27 नवंंबर 2018 को अनुमंडल न्यायिक दण्डाधिकारी शशिभूषण शर्मा की अदालत ने इस मामले में अभियोजन साक्ष्य बंद करते हुए सभी आरोपितों को सदेह हाजिर होने का आदेश दिया था। परंतु शशि के हाजिर नही होने के कारण आरोपितों का सफाई बयान दर्ज नहीं किया जा सका था, लिहाजा अदालत ने शशि के विरूद्ध वारंट जारी किया था।  मंगलवार को जहां रामधीर सिंह को वीडियो कांफ्रेंसिंग से पेश किया गया। वहीं  बच्चा सिंह  हाजिर नही थे जबकि अन्य हाजिर थे।

आठ वर्ष से फरार है शशिः  शशि सिंह सुरेश हत्याकांड का नामजद अभियुक्त है जो वर्ष 2011 से पुलिस की नजर में फरार है। पुलिस ने 20 मई 2012 को इस मामले मे शशि को फरार दिखाते हुए आरोप पत्र दायर किया था। 10 अक्टूबर 12 को सत्र न्यायालय ने भी शशि को फरार घोषित कर दिया था। वहीं  इलाहाबाद बैंक कुमारधुबी शाखा में 11 वर्ष पूर्व हुए 3 लाख 50 हजार रूपये के घोटाला कांड में  19 मई 17 को शशि सिंह उर्फ अनिमेश सिंह को अदालत ने फरार घोषित कर दिया था।

3 अक्टूबर 2003 को  प्रमोद हत्याकांड में पुलिस रामधीर सिंह को गिरफ्तार कर ला रही थी। इसी दौरान रामधीर समर्थकों ने जबरन उन्हें छुडा लिया था। बच्चा सिंह ने पुलिस को सबक सिखाने की धमकी दी थी। 3 अक्टूबर 2003 को इस मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की थी परंतु बाद में मामले की जांच का जिम्मा सीबीआई को सौंप दिया गया था। सीबीआइ ने रामाधीर सिंह, बच्चा  सिंह, शशि सिंह, वाइएन सिंह, रविन्द्र प्रसाद सिंह, प्रभास चंद्र झा ,रूद्र प्रताप सिंह, रामाशंकर सिंह बिजेन्द्र कुमार सिंह के विरुद्ध 12 अप्रैल 2004 को चार्जशीट सौंपा था।

Posted By: mritunjay

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