जागरण संवाददाता, धनबाद : 30वीं अखिल भारतीय जीवी मावलंकर शूटिंग चैंपियनशिप राइफल-पिस्टल का आयोजन अहमदाबाद गुजरात में भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ की ओर से किया जा रहा है। यह 30 अक्टूबर तक चलेगा। पूरे भारत से लगभग 10 हजार प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। इसमें द नेशनल राइफल एसोसिएशन आफ इंडिया के सदस्य के साथ-साथ धनबाद राइफल क्लब के राजिंदर सिंह विरदी ने भी भाग लिया। उन्होंने .22 बोर स्माल बोर राइफल प्रोन (एनआर) चैंपियनशिप के 50 मीटर पुरुष वर्ग में झारखंड का प्रतिनिधित्व किया और 600 में से 580 अंक हासिल कर कांस्य पदक प्राप्त किया। धनबाद के इतिहास में यह दूसरी बार है जब राष्ट्रीय स्तर का पदक मिला।

27 वर्षों में यह दूसरी बार है जब राष्ट्रीय स्तर की निशानेबाजी चैंपियनशिप में पदक मिला है। इससे पहले 1994 में एकीकृत बिहार के समय महाराष्ट्र में आयोजित राष्ट्रीय खेलों में बैद्यनाथ सिंह ने कांस्य पदक जीता था। धनबाद में बहुत कम संसाधनों के साथ इस तरह के पदक प्राप्त करना बड़ी बात है। धनबाद राइफल क्लब की स्थापना 1952 में हुई थी और क्लब के नियमों के अनुसार धनबाद के उपायुक्त क्लब के अध्यक्ष और पुलिस अधीक्षक क्लब के उपाध्यक्ष हैं। वर्तमान में झारखंड में केवल चार फायर आर्म्स शूटिंग रेंज हैं। इसमें रांची, जमशेदपुर, धनबाद और देवघर शामिल है। आइआइटी आइएसएम में भी एक शूटिंग रेंज है। इसका उपयोग धनबाद राइफल क्लब कर रहा है। राजिंदर सिंह विरदी कहते हैं कि शूटिंग प्रतियोगिता दिन प्रतिदिन कठिन होती जा रही है। धनबाद के राइफल क्लब के सदस्य नए निशानेबाजों को तराशने के लिए तैयार हैं। इसके लिए प्रशासनिक मदद मिलनी बहुत जरूरी है। एक बेहतर शूटिंग रेंज विकसित करने के लिए प्रशासन को ठोस कदम उठाना चाहिए।

Edited By: Atul Singh