Move to Jagran APP

बेलगड़िया को नगर निकाय बनाने की संभावना तलाश रहा जिला प्रशासन

झरिया अग्नि प्रभावित विस्थापितों के लिए बसाए जा रहे बेलगड़िया आवासीय कालोनी को नगर निकाय बनाने की तैयारी जिला प्रशासन कर रहा है।

By JagranEdited By: Published: Sun, 10 Oct 2021 06:45 PM (IST)Updated: Sun, 10 Oct 2021 06:45 PM (IST)
बेलगड़िया को नगर निकाय बनाने की संभावना तलाश रहा जिला प्रशासन
बेलगड़िया को नगर निकाय बनाने की संभावना तलाश रहा जिला प्रशासन

धनबाद : झरिया अग्नि प्रभावित विस्थापितों के लिए बसाए जा रहे बेलगड़िया आवासीय कालोनी को नगर निकाय बनाने की तैयारी जिला प्रशासन कर रहा है। इसकी प्रक्रिया की शुरूआत करते हुए उपायुक्त संदीप सिंह ने बलियापुर अंचल अधिकारी और प्रखंड विकास पदाधिकारी को प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया है।

loksabha election banner

उपायुक्त के निर्देश के अनुसार अंचल अधिकारी और प्रखंड विकास पदाधिकारी इससे संबंधित प्रस्ताव को तैयार करेंगे। इसके बाद इस प्रस्ताव को संबंधित पंचायत समिति से सर्वसम्मति से पास करा करा कर जिला प्रशासन को दिया जाएगा। जिसे अनुमोदन के लिए नगर विकास विभाग को भेजा जाएगा।

गौरतलब है कि जिले में दो नगर निकाय पहले से ही हैं। एक धनबाद नगर निगम और दूसरा चिरकुंडा नगर परिषद। बेलगड़िया के नगर निकाय में शामिल होने के बाद यह जिले का तीसरा नगर निकाय हो जाएगा। इसमें धनबाद नगर निगम राज्य का सबसे बड़ा नगर निकाय है। वहीं चिरकुंडा को कुछ सालों पहले ही नगर पंचायत से नगर परिषद की श्रेणी में शामिल किया गया था। उपायुक्त संदीप सिंह ने बताया कि बेलगड़िया को विकास नगरीय इलाके के रूप में किया जा रहा है। इसलिए इसको नगर निकाय में शामिल कर लिए जाने के बाद इसके विकास के लिए ज्यादा राशि विभिन्न मदों में मिलने लगेगी। बलियापुर अंचल अधिकारी और प्रखंड विकास पदाधिकारी से बेलगड़िया आवासीय कालोनी को नगर निकाय में शामिल करने का प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया है। निर्देश के तहत प्रस्तावित नगर निकाय में शामिल करनेवाले पंचायतों की संख्या, राजस्व ग्रामों का नाम, थाना संख्या, वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर कितनी आबादी रह रही है, नगर निकाय में शामिल इलाकों का क्षेत्रफल, घनत्व, संबंधित राजस्व क्षेत्र से वार्षिक आमदनी, गैर कृषि कार्याें में संलग्न लोगों की संख्या से जुडृे आंकड़ों को शामिल कर प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया है। यह प्रस्ताव संबंधित क्षेत्र के पंचायत समिति से पारित होना जरूरी है।


Jagran.com अब whatsapp चैनल पर भी उपलब्ध है। आज ही फॉलो करें और पाएं महत्वपूर्ण खबरेंWhatsApp चैनल से जुड़ें
This website uses cookies or similar technologies to enhance your browsing experience and provide personalized recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.