एक दिन ऐसा कलयुग आएगा... धनबाद में दैनिक जागरण बाल कवि सम्मेलन में युवा कवियों ने बिखेरा काव्य का जादू
दैनिक जागरण द्वारा धनबाद में आयोजित बाल कवि सम्मेलन 2026 में युवा कवियों ने अपनी स्वरचित कविताओं से श्रोताओं को ...और पढ़ें

धनबाद में बाल कवि सम्मेलन 2026 में काव्य पाठ करतीं छात्रा। (फोटोः जागरण)
जागरण संवाददाता, धनबाद। एक दिन ऐसा कलयुग आएगा जहां इंसान को धर्म में बांट दिया जाएगा सीमाएं, सीमाएं सैनिक बचाते हैं युवा देश का भविष्य चुनते हैं, हम वो पीढ़ी नहीं जो डरकर घर के कोने में छिप जाएंगे, आज के युवा देश नहीं मिटने देंगे, बस तुम्हें इतनी ही शर्तें माननी होंगी, तुम पर कोई रोक-टोक नहीं लगाएंगे, बस सात बजे के बाद घर से निकलने पर मनाही होगी, छोटे कपड़े नहीं पहनने होंगे, आदि कविताओं से श्रोताओं को काव्य दुनिया में स्कूली दिनों को सुनने और आह्लादित होने का अवसर मिला।

भविष्य के साहित्यकारों को तराशने के लिए दैनिक जागरण की ओर से रविवार को बाल कवि सम्मेलन 2026 का आयोजन दिल्ली पब्लिक स्कूल कार्मिक नगर के सभागार में किया गया। इस सृजनात्मक महोत्सव में शहर की युवा प्रतिभाओं ने अपनी कविताओं के माध्यम से राष्ट्रप्रेम, नारी सशक्तिकरण, पारिवारिक प्रेम, प्रकृति प्रेम, बड़ी बहन और पिता के सानिध्य को समर्पित शब्दों में सभी को प्रफुल्लित कर दिया।
बाल कविताओं में सपने, संवेदनाएं और संस्कार की झलक दिखी। नन्हें रचनाकारों ने अपनी स्वरचित कविताओं के माध्यम से उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस साहित्यिक महाकुंभ में आठवीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों ने अपनी स्वरचित कविताओं का पाठ किया। हर युवा कवि को अपने भावों को शब्दों में पिरोने और मंच पर प्रस्तुत करने के लिए समय दिया गया।
प्रतिभागियों की प्रतिभा का मूल्यांकन मुख्य रूप से भाषा की शुद्धता, मंच पर उनकी प्रस्तुति और विचारों की मौलिकता के आधार पर किया गया। विजेता को दैनिक जागरण के आगामी अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में देश के नामचीन व दिग्गज कवियों के साथ मंच साझा करने का ऐतिहासिक अवसर मिलेगा।
सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए प्रमाणपत्र एवं उपहार वितरण किया गया। आयोजन में निर्णायक मंडल कवयित्री डा.मीतू सिन्हा, सहायक शिक्षक हिंदी डा.धीरेंद्र प्रताप सिंह एवं कवयित्री मंजू शरण मंजुल ने बाल कवियों का मूल्यांकन किया।
कार्यक्रम में सबसे पहले मां सरस्वती, दैनिक जागरण के संस्थापक पूर्णचंद्र गुप्त, पूर्व प्रधान संपादक नरेंद्र मोहन और पूर्व चेयरमैन योगेंद्र मोहन गुप्त के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धा निवेदित की गई।
शुभारंभ मुख्य अतिथि धनबाद विधायक राज सिन्हा, दिल्ली पब्लिक स्कूल की प्राचार्य एवं सीबीएसई डिस्ट्रिक्ट कोआर्डिनेटर डा सरिता सिन्हा, दैनिक जागरण के संपादकीय प्रभारी अनुराग गयासेन, यूनिट हेड राजेश रंजन ने संयुक्त रूप से किया।
इस दौरान दिल्ली पब्लिक स्कूल की म्यूजिकल टीम अरविंद कुमार, कौशिक दास, सुधीर मिश्रा और कोमल ने सरस्वती वंदना की सुंदर प्रस्तुति दी। स्मृति डांस डांस की बच्चियों अंबिका यश्वी, अंशी सिंह, मानवी, प्रियांशी सिंह ने स्वागत नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति देकर मंत्रमुग्ध कर दिया।
दिल्ली पब्लिक स्कूल की प्राचार्य डा सरिता सिन्हा ने दैनिक जागरण के प्रयास को सराहनीय बताते हुए बच्चों के लिए इसे बेहतर प्लेटफार्म बताया। उन्होंने कहा कि कवि दुष्यंत ने कहा था कि बच्चों में आग है, स्कूल ऐसा प्लेटफार्म बन सकता है, जहां से बच्चे अपनी प्रतिभा लोगों तक आसानी से पहुंचा सकते हैं। हर एक कवि नहीं बन सकता। यह आपका हृदय से निकलता है।
वहीं, विधायक राज सिन्हा ने कहा कि जागरण ने बाल कवि सम्मेलन के लिए अच्छी जगह चुनी है। शुरू से ही बच्चों का पालन पोषण ऐसा करें तो बच्चों के अंदर छिपी हुई प्रतिभा दिखने लगे। दिल से जो चीज निकलती है वही सामने वाले को मंत्रमुग्ध कर देती है। यह मार्ग दिखाने वाला प्रेरक आयोजन है।
कार्यक्रम में शहर के 16 विभिन्न स्कूलों के 42 से अधिक बच्चों ने कविता के माध्यम से एक बाल कवि होने का प्रत्यक्ष प्रमाण दिया। अभिभावक व शिक्षक भी शामिल हुए। कविताओं की प्रस्तुतियों के दौरान बच्चों के हावभाव किसी भी कवि से कम नहीं लग रहे थे।
सिंबायोसिस पब्लिक स्कूल बरवाअड्डा की 12वीं की छात्रा दीक्षा रानी प्रथम
निर्णायक मंडल के अंकों के आधार पर सिंबायोसिस पब्लिक स्कूल बरवाअड्डा की 12वीं की छात्रा दीक्षा रानी ने प्रथम, डीएवी पब्लिक स्कूल कोयला नगर की 12वीं की छात्र सन्निधि प्रिया ने द्वितीय और ग्लोबल स्कूल आफ इंडिया गोविंदपुर के आठवीं के छात्र फरहान अख्तर ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
सभी प्रतिभागी छात्रों को दैनिक जागरण की ओर से प्रशस्ति पत्र और उपहार भेंट किया गया। कार्यक्रम में भाग लेने वाले बाल कवियों ने दैनिक जागरण के इस मंच की सराहना की। यह भी कहा कि ऐसे आयोजन से छात्रों में साहित्य को बढ़ावा मिलेगा। संचालन दैनिक जागरण के अजीत श्रीवास्तव ने किया।
स्कूल तक रहने दें अंक, यहां सभी विजेता : निर्णायक मंडल
निर्णायक मंडल के सदस्यों ने बाल कवियों का उत्साहवर्धन किया। कवयित्री मंजू शरण मंजुल ने कहा कि आडियंस को कनेक्ट कैसे करते हैं, यह मायने रखता है। शब्दों से नहीं व्यवहार और प्रस्तुति ही मंच पर आपके होने के अस्तित्व को बयां करती है।
कवयित्री डा मीतू सिन्हा ने कहा कि आत्मा के सौंदर्य का शब्द रूप है काव्य। मानव रूप भाग्य है तो कवि होना सौभाग्य है। इसलिए अंक विद्यालय तक ही रहने दें, यहां सभी विजेता हैं। प्रथम, द्वितीय, तृतीय मायने नहीं रखता है।
आपके विचार भावनाएं ही मायने रखती हैं। परिणाम की चिंता न करें। सभी को शुभकामनाएं। लेखक व कवि डा धीरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि कविताएं आपको एक दूसरे से जोड़ती हैं। यह हृदय से निकलती है, इसलिए हृदय तक पहुंचती है। अभी भी लोग कविताओं पर भरोसा करते हैं। आज बाल कवियों ने अपना श्रेष्ठ प्रदर्शन किया है।
