धनबाद : जिला कांग्रेस कमेटी में नए जिलाध्यक्ष व कार्यकारी जिलाध्यक्ष की घोषणा और धनबाद लोकसभा की सीट बाहरी प्रत्याशियों की नजर से पार्टी में बगावत के सुर उठने लगे हैं। शुक्रवार को पूर्व मंत्री मन्नान मल्लिक के आवास पर विक्षुब्ध कांग्रेसियों की बैठक हुई जिसमें वरिष्ठ कांग्रेसी ललन चौबे, मुख्तार खान, नंदलाल पासवान, चंदन सिंह, प्रतीम रवानी, रामजी सिंह समेत दर्जनों कांग्रेसी शामिल हुए। बैठक में जिला कांग्रेस में वरिष्ठ कांग्रेसियों को दरकिनार करने, बाहरी लोगों के घुसपैठ, गुटबाजी और कार्यकारी अध्यक्ष थोपे जाने पर नाराजगी जाहिर की गई। सभी ने एक सुर में लोकसभा चुनाव में बाहरी प्रत्याशी स्वीकार करने से इंकार किया। बोले कि बाहरी प्रत्याशी बहुत देख चुके हैं अब और बाहरी प्रत्याशी मंजूर नहीं है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर जबरन कार्यकारी जिलाध्यक्ष थोपे जाने का विरोध किया गया। पूरे प्रदेश में केवल धनबाद में कार्यकारी जिलाध्यक्ष बनाने पर नाराजगी जाहिर की गई। नाराज कांग्रेसियों का कहना था कि जब एक जिलाध्यक्ष बनाया गया है तो दो कार्यकारी जिलाध्यक्ष की क्या जरूरत थी। इससे पूरे जिले में पार्टी की भद पिट रही है। रविंद्र वर्मा और शंकर प्रजापति को कार्यकारी जिलाध्यक्ष बनाया गया है। पार्टी आलाकमान से कार्यकारी जिलाध्यक्ष का निर्णय बदलने की मांग की गई। कार्रवाई नहीं होने पर समानांतर कमेटी बनाने की चेतावनी दी गई। इस संबंध में 11 जून को फिर बैठक बुलाई गई जिसमें आगे की रणनीति पर चर्चा होगी।

Posted By: Jagran

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