जागरण संवाददाता, धनबाद : वज्रपात की घटनाओं से आए दिन हो रही मृत्यु को लेकर मौसम विभाग ने मौसम बिगड़ने या बिजली कड़कने के दौरान खिड़की और दरवाजे बंद रहने रखने की सलाह दी है। ऐसा इसलिए क्योंकि वज्रपात के दौरान आकाशीय बिजली की सेकेंडरी फ्लैश खिड़की या दरवाजे से घर के अंदर तक आ सकती हैं। इससे भी वज्रपात की चपेट में आने का खतरा रहता है। खुद के साथ साथ बच्चों को वज्रपात के दौरान खिड़की-दरवाजे से दूर रखें। अभी कई दिनों तक मानसूनी बारिश खत्म होने की संभावना नहीं है।

शुक्रवार को सुबह से दोपहर तक राहत देने के बाद शाम से फिर मानसूनी फुहार शुरू हो गई। शाम पांच बजे के बाद से देर रात तक थम-थम कर बारिश होती रही। मौसम विभाग ने शनिवार व रविवार को भी राज्य के ज्यादातर हिस्सों में बारिश का अनुमान जताया है। मानसून के अध्ययनकर्ता डॉ. एसपी यादव ने बताया कि इन दिनों आसमान में वर्चस्व की जंग छिड़ी हुई है। अरब सागर की ओर से आने वाले बादल जहां आसमान में छाए हुए हैं, वहीं हिमालय से भी बादलों की आवाजाही हो रही है। दोनों ओर के बादल की आवाजाही से बादलों की एक लंबी श्रृंखला बन गई है, जिससे मानसून स्थिर हो गया है। मानसून के एक ही स्थान पर स्थिर हो जाने की वजह से कई दिनों से लगातार बारिश हो रही है। 21 जून तक रुक रुक कर बारिश जारी रहने का अनुमान है। 22 जून तक का संभावित तापमान :

शनिवार अधिकतम 27 न्यूनतम 24

रविवार अधिकतम 29 न्यूनतम 24

सोमवार अधिकतम 30 न्यूनतम 24

मंगलवार अधिकतम 29 न्यूनतम 25 धनबाद में अब तक 200 फीसद ज्यादा बारिश, मैथन में 178.2 एमएम वर्षा का रिकॉर्ड

धनबाद : जून में अब तक हुई बारिश ने कई वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। मौसम विभाग से जारी आंकड़े के अनुसार, एक से 18 जून तक धनबाद में 200 फीसद ज्यादा बारिश हो चुकी है। सामान्य बारिश 98 एमएम होना चाहिए। जबकि वास्तविक वर्षा 293.9 एमएम हुई। पिछले 24 घंटे में मैथन में राज्य में सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड दर्ज हुआ। गुरुवार से शुक्रवार तक मैथन में 178.2 एमएम बारिश रिकॉर्ड हुई। मैथन के साथ टुंडी और पंचेत में भी अच्छी बारिश हुई। टुंडी में पिछले 24 घंटे में 88.4 एमएम व पंचेत में 84.4 एमएम बारिश हुई।

Edited By: Jagran