धनबाद, जेएनएन। शहर में डोर टू डोर कचरा उठान में लापरवाही पर सोमवार को शहर के लोग खुल कर बोलें। केंद्र से स्वच्छता का सच जानने के लिए सर्वेक्षण टीम मोहल्लों में पहुंची थी। हर मोहल्ले से बस एक ही आवाज आयी कि कचरा उठाने वाली कंपनी गैर जिम्मेदार है। उसके कर्मचारी सफाई में लापरवाही बरतते हैं, तो नगर निगम के अफसर भी उन पर कार्रवाई नहीं करते हैं। लोगों के बोल सुनकर जहां केंद्रीय टीम चौंक गई, तो साथ में मौजूद नगर निगम के अफसरों का चेहरा देखने लायक था।

दरअसल केंद्रीय स्तर की टीम इस समय धनबाद में स्वच्छता सर्वेक्षण-2020 के तहत साफ-सफाई का न केवल जायजा ले रही है, बल्कि लोगों से सफाई के निमित्त फीडबैक भी लिया जा रहा है। टीम ने सोमवार (सोहराय) को छुट्टी होने के बाद भी धनबाद अंचल के वॉर्ड के कई वार्डों में जाकर स्वच्छता का सर्वे किया। डोर टू डोर कचरा उठाव की स्थिति, नालियों की सफाई, सफाई कर रही एजेंसी की कार्यप्रणाली आदि का विस्तार से मूल्यांकन किया।

टीम ने सामुदायिक शौचालय व व्यक्तिगत शौचालय की उपलब्धता की जानकारी ली। व्यावसायिक क्षेत्रों में दुकानदारों से साफ-सफाई की फीडबैक लिया। रोजाना गाड़ी से कचरा के उठाव हो रहा है या नहीं, लोगों से पूछा। सामुदायिक शौचालय में साफ-सफाई, पानी की उपलब्धता, महिला व पुरूष के लिए की गई अलग-अलग व्यवस्था को देखा। व्यावसायिक व आवासीय क्षेत्रों में साफ-सफाई का जायजा लिया। साथ ही शहर में लोगों से पब्लिक फीडबैक भी लिया जाएगा। टीम के सदस्य इस बीच स्वच्छता संबंधित दस्तावेजों की भी जांच करेंगे। इस बार टीम ने नगर निगम को भनक तक नहीं लगने दी और सर्वे शुरू कर दिया।

लोगों से किए गए सवाल 

  1. डोर टू डोर कचरा उठाने की स्थिति क्या है?
  2. क्या कचरा उठाने के लिए हर दिन वाहन आता है क्या?
  3. व्यावसायिक क्षेत्रों में सुबह शाम दो समय झाड़ू लगता है क्या?
  4. रोजाना गाड़ी से शहर का कचरा उठाव किया जाता है क्या?
  5. घरों से गीला व सूखा कचरा का अलग-अलग उठाव किया जाता है क्या?
  6. नालियों की सफाई कर ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया जाता है क्या?

Posted By: Sagar Singh

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