धनबाद, जेएनएन। सरकारी स्कूलों के बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि करीब ढाई लाख बच्चों में से महज 1638 छात्र-छात्राओं ने एप डाउनलोड किया है। लिहाजा अब शिक्षकों पर भी सवाल उठने लगे है कि डिजी स्कूल एप में रजिस्ट्रेशन और एप अपग्रेड में स्कूल के शिक्षक रूचि नहीं ले रहे हैं या फिर जिला समग्र शिक्षा अभियान की ओर से सही से मॉनिटरिंग नहीं की जा रही है। हालांकि शिक्षकों का इसके पीछे तर्क है कि पहले से इस संबंध में निर्देश नहीं मिला था। अब निर्देश मिलने के बाद हमलोग लगे हैं। बताते चले कि सरकारी स्कूल के बच्चों की पढ़ाई झारखंड डिजी स्कूल एप तथा व्हाटसअप ग्रुप समेत अन्य माध्यमों से हो रही है। प्रत्येक दिन दो-दो घंटी शिक्षक ऑनलाइन ले रहे हैं। शिक्षको का कहना है कि प्रत्येक स्कूल के 50 फीसदी से अधिक बच्चों के पास स्मार्टफोन नहीं है जिसके कारण वे पढ़ाई से नहीं जुड़ पा रहे हैं। जिले में ऑनलाइन पढ़ाई से वंचित छात्रों की संख्या एक लाख से भी अधिक है।

आंकड़े खोल रहे है पोल

डिजी स्कूल एप डाउनलोड के आंकड़े स्कूलों की पोल खोल रहे हैं। जिले में 1727 स्कूलों में 346 स्कूलों में एक भी बच्चा झारखंड स्कूल एप में रजिस्टर्ड नहीं है। 126 स्कूलों से केवल एक छात्र, 94 स्कूलों से मात्र दो, 63 स्कूलों से तीन, 62 स्कूलों से सिर्फ चार, 46 स्कूलों से पांच, दूसरे 46 स्कूलो से छह, 39 स्कूलों से सिर्फ नौ, 43 स्कूलों से केवल 10 छात्रों ने ही रजिस्ट्रेशन कराया है। यानि 606 स्कूलों से एक से 10 बच्चों ने ही रजिस्ट्रेशन कराया है। वहीं आंकड़ा सामने आने के बाद जिला शिक्षा अधीक्षक इंद्र भूषण सिंह ने इस पर नाराजगी जताते हुए गंभीरता से लेने को कहा है। इस पूरे मामूले की समीक्षा के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी प्रबला खेस ने सभी स्कूल के प्रधानाध्यापक, विद्यालय प्रधान और शिक्षकों सहित तमाम पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि गंभीरता के साथ डिजी स्कूल एप बच्चों के रजिस्टर्ड कराएं।

Edited By: Mritunjay