धनबाद : सात फेरे से पहले दुल्हन का मेडिकल टेस्ट होगा। इस टेस्ट में अगर वह बालिग निकली तो धूमधाम से शादी होगी। और अगर नाबालिग निकली तो उसे फिलहाल बाबुल के आंगन में ही रहना होगा। मामला महुदा बाजार से जुड़ा है। एक लड़की की शादी 10 जुलाई को जमशेदपुर में तय हुई है। घर में शादी की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इसी बीच, किसी ने उसके नाबालिग होने की शिकायत कर दी। मामला चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के समक्ष पहुंचा। बाल विवाह की शिकायत पर तत्काल महुदा पुलिस को कार्रवाई का निर्देश दिया गया।

कुछ ही देर में पुलिस ने लड़की को उसके परिजनों के साथ सीडब्ल्यूसी में प्रस्तुत किया। स्कूल सर्टिफिकेट में नाबालिग लड़की के उम्र प्रमाणपत्र के तौर पर परिजनों ने स्कूल सर्टिफिकेट प्रस्तुत किया, जिसके अनुसार वह नाबालिग है। हालांकि परिजन बालिग होने का दावा कर रहे हैं। उनके दावे के आधार पर लड़की का मेडिकल टेस्ट कराने का आदेश सीडब्ल्यूसी सदस्य पूनम सिंह ने दिया है। टेस्ट में उसकी उम्र की सही जानकारी मिल जाएगी।

एक बच्चे का पिता है दूल्हा
थाने में लड़की ने पुलिस को बताया कि उसे पता चला है कि जमशेदपुर के जिस शख्स से शादी तय हुई है, वह न सिर्फ शादीशुदा है बल्कि एक बच्चे का पिता भी है। इस बारे में झारखंड ग्रामीण विकास ट्रस्ट से जुड़े सीडब्ल्यूसी के पूर्व सदस्य शंकर रवानी ने बताया कि लड़के के शादीशुदा होने की बात कही है। अभी यह तथ्य सीडब्ल्यूसी के समक्ष नहीं आया है। मैट्रिक सर्टिफिकेट ही उम्र प्रमाणपत्र के तौर पर मान्य है जिससे यह साबित होता है कि वह नाबालिग है।

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