जागरण संवाददाता, धनबाद: राजस्व विभाग की समीक्षा में यह बात सामने आई है कि झारखंड में अमीन के हज़ारों पद खाली हैं इसकी पढ़ाई नही होती। बीबीएमकेयू से आग्रह है कि अमीन की पढ़ाई चालू कराएं। ताकि युवाओं को नौकरी मिले। यह कहना था राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कही। वे बतौर विशिष्ट अतिथि बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय के पहले दीक्षान्त समारोह को रांची से ऑनलाइन संबोधित कर रहे थे। 

उन्होंने कहा कि राज्य के 500 छात्रावास को सुसज्जित करने की सरकार ने योजना बनाई है। राज्य के छात्र विदेशों में पढ़ाई कर सकें इसके लिए जयपाल सिंह मुंडा छात्रवृत्ति योजना शुरू की गई है। उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण के कारण शिक्षा के क्षेत्र में कई चुनौतियां सामने आई हैं। सभी स्कूल कालेज बन्द हैं। ऑनलाइन पढ़ाई चल रही है। यह राज्य के गरीब पिछड़े छात्रों के लिए सम्भव नही। संशाधनों की राज्य में कमी है ऐसे में शिक्षा को जन जन तक पहुंचने की चुनौती है। मुख्यमंत्री सोरेन ने कहा कि बीबीएमकेयू की स्थापना बिनोद बाबू के नाम पर हुई है। राज्य के वीर सपूतों के लिए यह सम्मान की बात है। उन्होंने उम्मीद जाहिर करते हुए कहा कि यह विश्वविद्यालय राज्य में अपनी अलग पहचान बनाएगा।

कुलपति डॉ. अंजनी कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि अपने स्थापना काल से ही बीबीएमकेयू ने की उपलब्धियां प्राप्त की हैं। शिक्षा से लेकर सांस्कृतिक गतिविधियों में भी नाम रौशन किया है। दो कमरों से जो सफर शुरू हुआ था व्व अब बड़े भवन में पहुंच गया है।