यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 06, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Jharkhand BJP Politics: प्रदेश नेतृत्व का अपनो पर नियंत्रण नहीं, बच्चों की तरह लड़ रहे बिरंची और बाटुल
बेरमो के पूर्व विधायक योगेश्वर महतो बाटुल ने कहा है कि बोकारो विधायक यदि एक मानहानि का मुकदमा हम पर ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, बोकारो। लगता है कि झारखंड भाजपा नेतृत्व का अपने नेताओं पर नियंत्रण नहीं रह गया है। अब बोकारो का ही मामला लीजिए। यहां के भाजपा विधायक बिरंची नारायण और बेरमो के पूर्व विधायक योगेश्वर महतो बाटुल बच्चों की तरह एक-दूसरे से लड़ रहे हैं। एक पखवारा से दोनों के बीच बयानबाजी जारी है। महतो ने बिरंची पर बैंक डिफाल्टर होने का आरोप लगाया था। इसके जवाब में बिरंची ने कहा था कि महतो माफी मांगे नहीं तो मानहानि का मुकदमा दर्ज कराएंगे। इस पर महतो ने पलटवार किया है। कहा है-वे एक मुकदमा करेंगे तो हम हजार से मुकदमा से जवाब देंगे।
बाटुल ने बिरंची को दी चुनौती
बोकारो विधायक बिरंची नारायण के बीते दिनों बेरमो के पूर्व विधायक को चुनौती दिए जाने के बाद मंगलवार को बेरमो पूर्व विधायक योगेश्वर महतो बाटुल ने पलटवार करते हुए अपनी पार्टी के नेता जमकर भड़ास निकाला। उन्होंने बोकारो विधायक को चुनौती देते हुए कहा कि अगर बोकारो विधायक एक मानहानि का मुकदमा हम पर करेंगे तो उनपर एक हजार मुकदमा दर्ज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बोकारो के सारे विस्थापित मिलकर भी दो करोड़ की राशि की भरपाई कर देते हैं तो बाकि के रुपये बोकारो विधायक कहां से लाएंगे।
क्या है आरोप
बाटुल का आरोप है कि बोकारो विधायक जिस ट्रस्ट में शामिल था। उस पर तीन करोड़ रुपया बैैंक में बकाया था। बिरंची नारायण को बताना चाहिए कि बैंक के बकाये राशि का क्या हुआ। यही नहीं बोकारो में बन रहे सुपर स्पेशलिटी हास्पिटल, रियल एस्टेट कारोबार सहित कहां-कहां विधायक ने रुपये लगाएं हैैं। इसकी सीबीआइ जांच होनी चाहिए। अस्पताल, स्कूल, रियल स्टेट सब में बोकारो विधायक, उनकी पत्नी और साले साझेदार हैं। इसकी सही से जांच होगी तो सारा मामला खुलकर सामने आएगा।
मेडिकल कॉलेज में इमामुल हाई खान की मूर्ति लगाने की मांग
बेरमो पूर्व विधायक ने कहा कि बोकारो स्टील के निर्माण में स्वर्गीय जमीरउद्दीन 1300 एकड़ जमीन दी थी। जबकि इमामुल हाई खान विस्थापित नहीं होते हुए भी उन्होंने विस्थापितों के लिए कई काम किया। इसलिए उनकी आदमकद प्रतिमा लगनी चाहिए। इसी प्रकार ठाकुर सरजू प्रसाद सिंह और टिकट मनमोहन सिंह के नाम पर भी प्रतिमा लगाई जानी चाहिए। मुख्यमंत्री मेडिकल कालेज को लेकर जो समझौता हुआ था उसका अनुपालन होना चाहिए।
