धनबाद : टुंडी के मनियाडीह थाना क्षेत्र के चरकखुर्द के जंगल में 13 साल की किशोरी के साथ दुष्कर्म व फिर उसकी हत्या की घटना को एक सप्ताह बीत चुके हैं। घटना में शामिल अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए एसएसपी मनोज रतन चोथे ने स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (एसआइटी) का भी गठन किया है, पर अभी तक पुलिस को सफलता हाथ नहीं लगी है।

इधर, इस मामले में अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं होने से लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को इस घटना के विरोध में और अपराधियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सामाजिक संस्था ह्यूमिनिटी हेल्पिंग हैंड्स एवं झारखंड सूड़ी समाज कल्याण समिति के बैनर तले कैंडल मार्च निकाला गया। हीरापुर पार्क मार्केट से रणधीर वर्मा चौक तक कैंडल मार्च निकाला गया। कैंडल मार्च में शामिल लोगो ने किशोरी की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा, साथ ही हत्यारों को फांसी दो, लड़कियों को सुरक्षा दो के नारे भी लगाए। सूड़ी समाज के अध्यक्ष प्रफुल्ल मंडल ने कहा कि यह घटना शर्मनाक है। एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी पुलिस मामले का उद्भेदन नहीं कर पाई है। संस्था के अध्यक्ष गौतम मंडल ने कहा कि जिले में दुष्कर्म की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे लोगों का पुलिस से विश्वास उठ रहा है। पुलिस लड़कियों को सुरक्षा देने में विफल साबित हो रही है। घटना की शिकायत मुख्यमंत्री जनसंवाद में भी करेंगे। मार्च में डॉ. सबा अहमद, सूरज प्रकाश लाल, कंसारी मंडल, राजकुमार मंडल, अमित सिन्हा, शैलेन मंडल, संतोष मंडल, नुनूलाल मंडल, डोरा मंडल, विकास मंडल, नारायण मंडल आदि शामिल थे।

पांच सितंबर को हुई थी वारदात मनियाडीह थाना क्षेत्र के चरकखुर्द जंगल के पास पांच सितंबर बुधवार की शाम 13 वर्षीया स्कूली छात्रा का शव नग्न अवस्था में मिला था। पहले तो परिजनों ने सोचा कि वज्रपात से उसकी मौत हुई, पर पोस्टमार्टम में साफ हुआ कि पहले उसके साथ दुष्कर्म किया गया था और फिर गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी।