धनबाद, जेएनएन : द इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया धनबाद शाखा की ओर से छात्रों और सीए सदस्यों के लिए वेबीनार का आयोजन किया गया। टैक्समंत्र ग्लोबल के सहयोग से आयोजित दो दिवसीय इस सेमिनार का पहले दिन का विषय रिएसेसमेंट ऑफ सर्च, सर्वे और फाइनेंस एक्ट 2021 के अन्य केस रहा।

इसमें बतौर मुख्य वक्ता सीए आरके पटानिया शामिल हुए। दूसरे दिन का विषय प्रोविजन ऑफ ट्रस्ट एजुकेशन इंस्टीट्यूट, न्यू रजिस्ट्रेशन प्रोसीजर और रिएसेसमेंट रहा। दूसरे दिन का सेमिनार गोरखपुर और बुलंदशहर की शाखा के सहयोग से किया गया। इसमें मुख्य अतिथि अभिषेक पांडेय और ज्ञान चंद्र मिश्र शामिल थे। मुख्य वक्ता गिरीश आहूजा ने बताया कि ट्रस्ट और संस्थान को हर पांच साल में रिनुअल कराना जरूरी है। हर एक ट्रस्ट जो 31 मार्च 2021 तक रजिस्टर्ड है उन्हें 30 जून तक हर हाल में फिर से रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इसे फॉर्म 10ए के जरिए रजिस्टर्ड कराना होगा। नए रजिस्ट्रेशन के आधार पर 3 साल तक प्रोविजनल रजिस्ट्रेशन मिलेगा। ट्रस्ट रजिस्ट्रेशन पहले से आसान हो गया है। 

रिएसेसमेंट आईटी एक्ट 1961 पर सचिन सिन्हा ने बताया कि इसमें किसी कारण से दिए गए नोटिस को चैलेंज किया जा सकता है। इस दौरान के सीए सदस्य और छात्रों ने कई सवाल पूछे। सभी का माकूल जवाब दिया गया। सीए राजेंद्र अरोड़ा ने जीएसटी में आए कुछ बदलावों के बारे में बहुत विस्तार से जानकारी दी। वेबीनार में 400 से अधिक सीए सदस्य और छात्र शामिल हुए। आइसीएआइ धनबाद ब्रांच के चेयरमैन सीए प्रतीक गनेरिवाल ने कार्यक्रम का समन्वय किया।